चोरियों पर अंकुश के लिए पुलिस स्टाफ बदलने, चोरियों की जांच एसओजी से कराने आदि मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी,
मोग्या गैंग के एक जने कै पकड़े जाने से संतुष्ट नहीं हैं ग्रामीण, धरना-प्रदर्शन लगातार जारी

लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं तहसील के ग्राम हीरावती व आस पास के क्षेत्र में हुई चोरी की वारदातों पर प्रभावी कार्यवाही करवाने की मांग को लेकर दिया जा रहा धरना लगातार सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इस धरना-प्रदर्शन में क्षेत्र के सर्व समाज के हजारों लोग शामिल हुए। पुलिस ने हालांकि चोरों की मोग्या गैंग के एक नाबालिग को पकड़ कर सोने के आभूषण बरामद किए हैं, लेकिन अन्य सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी के पूरे माल की बरामदगी तक धरना जारी रखने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने लाडनूं पुलिस पर चोरों से मिलीभगत का आरोप भी लगाया और लम्बे समय से जमे पुलिस स्टाफ को बदलने की मांग भी की है।
चोरी की जांच एसओजी से करवाने की मांग
इस सम्बन्ध में सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन यहां उपखंड कार्यालय में सुपुर्द किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि 31 अगस्त को ग्राम हिरावती में हुई चोरी की तीन वारदातों को 15 दिन बीत जाने बाद भी चोरी का खुलासा व माल बरामदगी नहीं की गई है। इसके अलावा आस पास के क्षेत्र में पूर्व में हुई सैकड़ों चोरियों का खुलासा स्थानीय पुलिस द्वारा नहीं किया गया है, जिसके चलते आम जनता में बहुत भारी रोष व आक्रोश है। ज्ञापन में मांग की गई है कि हिरावती व आसपास के क्षेत्र में हुई चोरियों के प्रकरण में स्थानीय पुलिस की नाकामी के चलते जांच एसओजी के उच्च अधिकारियो से करवाई जाये। साथ ही ज्ञापन में कहा गया है कि लाडनूं पुलिस थाने में लम्बे समय से जो स्टाफ कार्यरत हैं, उनकी आपसी मिलीभगत से क्षेत्र में लगातार चोरियों की घटनायें बढ़ रही है। इसलिए थानाधिकारी सहित सम्पूर्ण पुलिस भाव के स्टाफ को तुरंत प्रभाव से स्थानान्तरण किया जाये। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि 15 दिन पहले 17 अगस्त को भी हिरावती में बिजली विभाग के 3 ट्रांसफार्मर चोरी हुए थे, जिसकी रिपोर्ट विभाग द्वारा पुलिस थाना लाडनूं में दर्ज है। लेकिन, कोई कार्यवाही अभी तक नहीं की गई। जिसके चलते क्षेत्र में क्षेत्र में लम्बे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही और क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी हुई।
चक्का जाम, बाजार बंद और उग्र आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में बताया गया है कि यहां लगातार चोरी की घटनाओं के बढ़ने से क्षेत्रवासियों में भय व आक्रोश है, जिसके चलते भविष्य में बाजार बन्द, चक्का जाम व उग्रआन्दोलन किया जा सकता है। साथ ही शान्ति और कानून व्यवस्था भंग होना भी संभावित है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। ज्ञापन में चोरियों पर अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में व्यापक गस्त बढ़ाई जाने की मांग भी की गई है। ज्ञापन की प्रतियां राज्यपाल, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक रेंज अजमेर, जिला कलेक्टर डीडवाना-कुचामन आदि को भी भेजी गई है। ग्रामीणों के इस ज्ञापन के अलावा इस प्रकरण में राजस्थान प्रदेश कायमखानी समाज लाडनूं ने भी एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम का सौंप कर ये सभी मांगें दोहराई गई है। ज्ञापन देने वालों व धरनार्थियों में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष देवाराम पटेल, पंचायत समिति प्रधान हनुमानाराम कासनियां, भागीरथ यादव, ओड़ींट सरपंच गणेश चौधरी, किशनलाल डूडी हीरावती, पूर्व सरपंच मोहनराम जानूं, बजरंग सिंह लाछड़ी, अयूब खां मोयल, मो. मुश्ताक खान कायमखानी, बजरंग लाल डूकिया, कालूराम गेनाणा, सुरजाराम भाकर, विकास बुरड़क, लियाकत खान, हरिराम मेहरड़ा, पन्नालाल भामू, चंदन डूडी, लियाकत अली, मो. तौफीक, अब्दुल मुनान आदि शामिल रहे।



