क्षतिग्रस्त भवनों, निर्माण को लेकर हुआ नगर पालिका प्रशासन गंभीर, 24 घंटे में समाधान के लिए निर्देश,
लाडनूं के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में एक साल से क्षतिग्रस्त हैं बाथरूम-शौचालय, बंद रखे जाने से बालिकाएं हैं परेशान



लाडनूं (kalamkala.in)। एक तरफ सरकार हर बरसात के बाद क्षतिग्रस्त, जीर्ण-शीर्ण और गिरने की संभावना वाले भवनों को बंद करने, उन्हें पूरा गिराने और दुरुस्त करवाने के निर्देश देती है, इसमें हाल ही में झालावाड़ के विद्यालय हादसे ने इसे अधिक गंभीर समस्या बना दिया। लाडनूं में प्रशासन इसे लेकर पूरी गंभीरता बरत रहा है, लेकिन यहां का कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय लगता है कत्तई गंभीर नहीं है और पूरे प्रशासन का मखौल उड़ा रहा है। कस्तूरबा गांधी अल्पसंख्यक बालिका आवासीय विद्यालय लाडनूं में बाथरूम की खस्ताहालत के चलते 75 छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां ऊपर की मंजिल के सभी बाथरूमों की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है और उनमें भारी सीलन आई हुई है। इन बाथरूम्स की सीटें लगभग 4 इंच तक गहरी धंस गई हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका हरसमय बनी हुई रहती है। ऐसी स्थिति के चलते विद्यालय-प्रबधन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मजबूरन इन बाथरूमों को बंद कर दिया गया है। इससे इस आवासीय विद्यालय में निवास करने वाली छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले एक साल से यह स्थिति बनी हुई है। बाथरूम क्षतिग्रस्त पड़े हैं। विद्यालय-प्रबंधन ने प्रशासन को बहुत बार इसकी सूचना देकर हालत से अवगत करवाया, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया और पूरी लापरवाही बरती गई। अब नगरपालिका ने नोटिस जारी कर 24 घंटे में इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए हैं।
ईओ ने देखा मौका और नोटिस देकर समाधान के निर्देश दिए
इस कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की पहली मंजिल पर स्थित 10 बाथरूम पिछले एक वर्ष से सीलन व बाथरूम की सीटें धंस जाने के कारण बंद पड़े हैं। इससे छात्राओं को नीचे की मंजिल के केवल 10 बाथरूम से काम चलाना पड़ रहा है, जिससे सुबह-शाम भारी भीड़ और असुविधा का माहौल बना रहता है। इस बारे में प्रधानाध्यापिका रीना चौधरी ने बताया कि इस समस्या कौन लेकर उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों को समस्या बताते हुए इन बाथरूम की मरम्मत के लिए पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।इसकी जानकारी मिलने पर शनिवार को नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी भवानी शंकर व्यास ने विद्यालय में पहुंचकर मौका-मुआयना किया और स्थिति को काफी गंभीर मानते हुए छात्रावास-अधीक्षक को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर इस समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
अभिभावकों में गहरी नाराजगी
इधर छात्राओं के अभिभावकों का कहना है कि उनकी बच्चियां पिछले एक साल से शौचालय की असुविधा झेल रही हैं, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। यदि जल्द मरम्मत नहीं करवाई गई तो अभिभावक आंदोलन के लिए विवश होंगे। छात्राओं की सुरक्षा व स्वच्छता को देखते हुए शीघ्र मरम्मत कार्य करवाया जाना आवश्यक है।





