नेचुरोपैथी ड्रग रहित अहिंसक चिकित्सा पद्धति है- कुलपति प्रो. दूगड़, लाडनूं के मेडिकल कॉलेज में 8वां प्राकृतिक चिकित्सा दिवस समारोह पूर्वक मनाया

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नेचुरोपैथी ड्रग रहित अहिंसक चिकित्सा पद्धति है- कुलपति प्रो. दूगड़,

लाडनूं के मेडिकल कॉलेज में 8वां प्राकृतिक चिकित्सा दिवस समारोह पूर्वक मनाया

लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय लाडनूं द्वारा संचालित आचार्य महाप्रज्ञ कॉलेज आफ नेचुरोपैथी एवं योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में 8वां राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा समारोह का आयोजन किया गया कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में प्रो. दूगड ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा एक सस्ती, सरल व प्रकृति के अनुरूप पद्धति है। यह ड्रग रहित अहिंसक पद्धति है। इसी दृष्टि से यहां विश्वविद्यालय में यह मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ किया गया है। इसके साथ साधन सम्पन्न प्राकृतिक चिकित्सा उपचार केन्द्र चल रहा है। प्रोफेसर दूगड़ ने बताया कि महात्मा गांधी ने प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए 1945 में ऑल इण्डिया नेचर क्योर फाउण्डेशन ट्रस्ट का गठन कर उसके आजीवन चैयरमेन बने थे। उनकी इच्छा थी कि देश आजाद होने के बाद लोगों को स्वदेशी पद्धति के अनुरूप सस्ती, सरल चिकित्सा मिले। उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों को अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने योगा प्रदर्शन किया व पंच महाभूत के आकाश तत्व आधारित नोन फायर कुकिंग स्टॉल प्रदर्शन किया। समारोह के प्रारम्भ में विभागाध्यक्ष डॉ. विजय शर्मा ने कुलपति का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. पल्लवी दवे, डॉ. नीलम कंवर राठौड़, अमरकुमार प्रशासक सहित विश्वविद्यालय स्टॉफ व छात्र उपस्थित रहे।

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Author: kalamkala

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