लाडनूं के गौरव पथ पर पौष बड़ा महोत्सव का आयोजन, पशुओं को भी खिलाए गुलगुले और हलवा

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

लाडनूं के गौरव पथ पर पौष बड़ा महोत्सव का आयोजन, पशुओं को भी खिलाए गुलगुले और हलवा

लाडनूं (kalamkala.in)। मल-मास के सबसे बड़े महोत्सव पौष बड़ा कार्यक्रम का आयोजन यहां गौरव पथ पर पुरानी बड़ी जैन स्कूल व गौरव पथ रोड़ के निवासियों के पारस्परिक सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में वर्ग, जाति, धर्म एवं गरीब-अमीर के भेद के बिना सभी ने सहयोग में जुट कर पौष बड़ा का प्रसाद ग्रहण किया। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक अनवरत रूप से चले इस कार्यक्रम में हजारों आस्थावान लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में जहां सामाजिक सरोकार को महत्व दिया गया, वहीं बेसहारा पशुओं के प्रति दयाभाव पूर्वक उनको भी गर्म प्रसाद ग्रहण करवाया गया। गायों एवं श्वानों के लिए गुलगुले व हलवे की भी व्यवस्था की गई थी। शिक्षाविद् बाबूलाल कण्डावरिया ने बताया कि यह परम्परा धार्मिक आस्था का प्रतीक तो है ही, साथ ही यह समाज को एकजुट करने का माध्यम भी है। अगम चन्द शर्मा ने कहा कि ऐसे सामाजिक सेवाभाव एवं एकजुटता के कार्यक्रम समय-समय पर होने चाहिए। कार्यक्रम में धन्नाराम स्वामी, अमरचंद सोलंकी, मांगीलाल सैनी, पवन सिंह, छगन सिंह, राजकुमार कण्डावरिया, पूनमचंद सैनी, राहुल, जगदीश, पार्षद मोहन सिंह चौहान, गोपाल शर्मा, गणेश, लक्ष्मण, मातुसिंह, रविन्द्र सिंह जोधा, कमल किशोर, कुलदीप सिंह छपारा, राजेश भोजक, प्रहलाद शर्मा, अनिल शर्मा, रामचंद्र जांगिड, रामनिवास, संजय शर्मा, मनीष, घनश्याम, जीतमल आदि कार्यकर्ताओं ने उपस्थित रह कर नि:स्वार्थ सेवा प्रदान की। कार्यक्रम में मौहल्ले के निवासी रामनिवास जांगिड़, अमित शर्मा, सोहनलाल सैनी, शांति लाल शर्मा, राजेन्द्र भाटी, आलोक, सुभाष, राकेश, प्रदीप, सुरेश शर्मा आदि का भी सहयोग रहा।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

नौ करोड़ राजस्थानियों की अस्मिता की प्रतीक राजस्थानी भाषा को अविलंब मिले संवैधानिक मान्यता- राजेश विद्रोही, उर्दू के ख्यातनाम शायर का खुला विद्रोह, अब केवल और केवल लिखेंगे राजस्थानी में, अद्भुत संकल्प-शीघ्र मिले मान्यता

शहर चुनें

Follow Us Now