प्राणायाम से संभव है जीवन की सभी समस्याओं का समाधान- योगीराज डॉ. विजयप्रकाश मिश्रा, जैविभा विश्वविद्यालय में किया गया कुलपति द्वारा विश्वविख्यात प्राणायाम विशेषज्ञ का स्वागत 

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प्राणायाम से संभव है जीवन की सभी समस्याओं का समाधान- योगीराज डॉ. विजयप्रकाश मिश्रा,

जैविभा विश्वविद्यालय में किया गया कुलपति द्वारा विश्वविख्यात प्राणायाम विशेषज्ञ का स्वागत 

लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के योग एवं जीवन विज्ञान विभाग में ‘प्राणायाम’ विषय पर पांच दिवसीय वर्कशाप के उद्घाटन सत्र में विश्व प्रसिद्ध प्राणायाम साधक विशेषज्ञ डॉ. योगीराज विजय प्रकाश मिश्रा ने मुख्य वक्ता के रूप में प्राणायाम पर आध्यात्मिक-वैज्ञानिक दृष्टि से प्रकाश डालते हुए प्राणायाम की महत्ता को बताया। उन्होंने प्राणायाम की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि यह योग का एक अभिन्न अंग है। यदि हम इसे जीवन में अपनाते हैं, तो हम बहुत सारी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसका आध्यात्मिक उद्देश्य तो महत्वपूर्ण है ही वर्तमान समस्याओं के संदर्भ में भी इससे समाधान कर सकते हैं। यथार्थ चिकित्सा की दृष्टि से भी हम इसका उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए हमें सावधानी रखनी चाहिए और विशेष साधना करते समय हमें इससे संबंधित अनेक बातों को भी ध्यान में रखना चाहिए। योग आज विश्व की आवश्यकता बन चुका है। इसका अर्थ है कि योग में मानव जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान छुपा हुआ है। इससे समाधान वही प्राप्त कर सकता है, जो इसके प्रयोग को जीवन में अपनाएगा, जो इसको व्यवहारगत करेगा, तभी इसका वास्तविक लाभ उठाया जा सकता है। प्रो. युवराज सिंह खंगारोत ने प्रारंभ में स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। प्रो. प्रद्युम्न सिंह शेखावत ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर डॉ. हेमलता जोशी, दशरथ सिंह के साथ ही विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कुलपति ने किया स्वागत 

विश्वस्तरीय प्राणायाम विशेषज्ञ योगीराज विजयप्रकाश मिश्रा के लाडनूं में जैन विश्वभारती संस्थान मेंआगमन पर कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने शाल्यार्पण, प्रतीक चिह्न एवं संस्थान-साहित्य भेंट कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया गया। योगीराज मिश्रा ने जैविभा विश्वविद्यालय को प्राच्य विद्याओं और योग आदि का उत्कृष्ट केन्द्र बताते हुए सराहना की।

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Author: kalamkala

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