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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को एक शिक्षक ने ‘रिश्वत’ देने का किया प्रयास, हाथोंहाथ धरा गया
जयपुर (kalamkala.in)। प्रदेश में शिक्षामंत्री रिश्वत देने की कोशिश का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बताता जाता है कि एक सरकारी शिक्षक ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आवास पहुंचकर उन्हें रिश्वत देने का प्रयास किया। इस मामले की जानकारी शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने स्वयं प्रेस वार्ता करके दी। इस दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी भी मौजूद रहे।बताया जा रहा है कि शिक्षामंत्री सोमवार सुबह जनसुनवाई कर रहे थे, उसी दौरान यह सरकारी टीचर पाठ्यक्रम समिति में शामिल करने की मांग के लिए प्रार्थना पत्र लेकर आया। इसके साथ युवक एक लिफाफा और मिठाई का डिब्बा भी लाया। लिफाफे में 5 हजार रुपए थे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने सामान्य लिफाफा समझ कर रख लिया, क्योंकि रोज सिफारिश के पत्र के साथ कई लिफाफे आते हैं। मैंने लिफाफा देखा तो उसमें 5 हजार रुपए थे। इस पर पुलिस को सूचित किया गया। उस युवक से पूछताछ जारी है।
शिक्षामंत्री पैसा लेता है ऐसी सोच- दिलावर
शिक्षा मंत्री दिलावर ने बताया कि यह मेरे जीवन की पहली घटना है। लगभग 35-36 साल राजनीति में हो गए, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। जब किसी को ये लगा हो कि शिक्षा मंत्री पैसे देकर काम करते हैं। मैं आगे और पीछे वालों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। पहले परम्पराएं रही होंगी, तभी इसने यह हिम्मत की होगी। ये दु:खद बात है कि लोगों की सोच यह बने कि शिक्षा मंत्री पैसे लेता है।
इस सरकारी शिक्षक ने लिखा यह पत्र
सरकारी शिक्षक ने पत्र में लिखा कि ‘मैं चंद्रकांत वैष्णव बांसवाड़ा के राजकीय विद्यालय में अध्यापक हूं। मैं छात्र जीवन से ही एबीवीपी और संघ की विचारधारा से जुड़ा रहा हूं। भारतीय मजदूर संघ जैसे संगठन से भी जुड़ा हूं। शिक्षा विभाग में विभागीय गतिविधियों में कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुका हूं। वर्तमान सरकार की मंशानुसार नई पाठ्यपुस्तक निर्माण समिति कक्षा 6-8 विज्ञान विषय में लेखक के रूप में शामिल करने की अनुशंषा करवाने की श्रम करावें।’







