निम्बी जोधां में विद्युत निगम की लापरवाही ने ली एक विद्युतकर्मी की जान, छह घंटे डीपी पर लटका रहा मृतक का शव,
गुस्साए लोगों ने दिया धरना, एक करोड़ के मुआवजे की मांग पर 35 लाख सहायता राशि पर बनी सहमति

लाडनूं (kalamkala.in)। निम्बीजोधां गांव में डिस्कॉम का कार्य करते समय करंट लगने से मौत का शिकार बने एक संविदाकर्मी के मामले में विद्युत निगम की लापरवाही सामने आने के बाद लोग गुस्सा हो गए और पहले घटनास्थल पर और बाद में यहां राजकीय चिकित्सालय में धरने पर बैठ गए। बाद में सुलह-समझाईश के बाद धरना उठाया गया। इस मामले में एक करोड़ का मुआवजा और मृतक आश्रित के लिए सरकारी नौकरी आदि मांगे रखी गई। अंततः कुल 35 लाख की सहायता राशि पर समझौता हुआ।
अचानक शट-डाउन हटाकर लाईन चालू करने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार अजमेर डिस्कॉम के निम्बीजोधां जीएसएस पर कार्य करने के लिए संध्या एंड कम्पनी का अनुबंध था। कम्पनी के ठेकेदार अतुलसिंह के यहां संविदाकर्मी के रूप में मृतक विक्रम सिंह (31) पुत्र जगदीश सिंह निवासी ग्राम खानपुर कार्यरत था। रविवार देर शाम को निम्बी-नागौर रोड स्थित पुलिया के नीचे बांईं तरफ लगी डीपी पर वह मरम्मतीकरण का कार्य कर रहा था। काम करते समय उसने शटडाउन करवाया था। शटडाउन के बाद कार्य करते समय बिना कोई सूचना दिए किसी ने अचानक विद्युत लाईन को चालू कर दिया। इससे काम में लगे हुए संविदाकर्मी विक्रमसिंह को अचानक करंट लगा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मृत्यु हो गई।
छह घंटे डीपी पर लटका रहा मृतक विद्युतकर्मी का शव
इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोग एकत्रित हो गए। घटना की सूचना विद्युत निगम को दी जाने के बावजूद काफी देर तक डिस्कॉम से एक भी अधिकारी मौके पर वहां नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में रोष पैदा हुआ और वहां पर भारी विरोध जताया। बाद में घटनास्थल पर विधायक मुकेश भाकर एवं उसके समर्थक भी पहुंच गए। मुआवजा राशि की मांग को लेकर विधायक व ग्रामीण धरने पर अड़े रहे। इस तरह करीब मृतक का शव छ: घंटे तक वहीं डीपी पर लटकता रहा। देर रात्रि को प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद शव को राजकीय चिकित्सालय स्थित मोर्चरी में रखवाया गया, जिसका पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाना था। लेकिन सोमवार को सुबह ही अस्पताल परिसर में फिर से लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोग शव को उठाने से पहले एक करोड़ के मुआवजे की मांग पर अड़ गए। भाजपा नेता करणी सिंह एवं आनन्द सेवा समिति के मनजीतपाल सिंह के नेतृत्व में मृताश्रित को नौकरी, 1 करोड़ की सहायता राशि एवं दोषी के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की मांग की गई।
इस तरह हुआ परस्पर सुलह-समझौता
इस पर ठेकेदार फर्म संध्या एंड कम्पनी द्वारा एसडीएम मिथिलेश कुमार को कम्पनी की ओर से एक लिखित वचनपत्र दिया गया कि 15 लाख रुपए देने एवं अन्य 5 लाख रूपये की सहायता राशि आगामी तीन दिनों में मृताश्रितों को उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसके पश्चात एसडीएम ने डिस्कॉम के एक्सईएन रामचन्द्र जांगलवा, एईएन गोपालकृष्ण शर्मा से बातचीत की, जिसमें उन्होंने 5 लाख रूपये की सहायता दिलवाने की बात कही। सभी से बातचीत के पश्चात समझाईश वार्ता में एसडीएम ने 5 लाख चिरंजीवी योजना से तथा 5 लाख कर्मचारियों से निजी सहायता के रूप में दिलवाने की बात कही। वहीं मृतक के परिवारजन को प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत मकान दिलाने के लिए भी घोषणा की। कम्पनी द्वारा मृतक की पत्नी को नियमानुसार पेंशन तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।एसडीएम ने 3 दिनों में कम्पनी की सहायता राशि उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी ली। इसके पश्चात सहमति बनी और मृतक का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सुपूर्द किया गया। इस वार्ता में पुलिस उप अधीक्षक डीडवाना धर्माराम, तहसीलदार अनिरूद्ध देव पाण्डे, थानाधिकारी महिराम बिश्नोई, डीडवाना थानाधिकारी राजेन्द्र कमांडो, पार्षद मोहन सिंह चौहान, रघुवीर सिंह खानपुर आदि मौजूद रहे।
पुलिस ने किया घटना की रिपोर्ट से एफआईआर दर्ज
मृतक विक्रम सिंह के भाई राजुसिंह पुत्र स्व. जगदीश सिंह निवासी ग्राम खानपुर ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि उसका छोटा भाई विक्रमसिंह, जो संध्या एण्ड कंपनी के ठेकेदार अतुलसिंह के साथ कोन्ट्रेक्ट पर कार्य करता था। 8 जून को करीब छः बजे निम्बी जोधां-नागौर रोड के पास पुल के नीचे बाईं तरफ डीपी पर कार्य कर रहा था। काम करते समय उसने लाईट को शटडाउन करवाया था। जब कार्य कर रहा था। तभी बिना किसी सूचना के ही निम्बी जीएसएस पर उस वक्त मौजूद कर्मचारी ने लाइट चालू कर दी। जो निम्बी जीएसएस की घोर लापरवाही दर्शाता है। लाइट चालू करने की वजह से उसके भाई विक्रम के करंट लगने से उसी वक्त उसकी मौत हो गई। यह बिजली विभाग निम्बी जोधा व ठेकेदार अतुलसिंह की गलती व घोर लापरवाही की वजह से यह घटना घटित हुई है। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा दिलाने व मृतक के परिजनों को न्याय दिलवाने की मांग की गई है। निम्बी जोधां पुलिस थाना के थानाधिकारी रामेश्वरलाल ने इस रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है।
मृतक के परिवार में सिर्फ बूढी मां, पत्नी व तीन बच्चियां
करंट लगने से काल का ग्राम बने संविदाकर्मी विक्रम सिंह के परिवार में उसकी बूढ़ी मां गंगा कवंर व पत्नी चंदा कंवर है। मृतक के तीन पुत्रियां है। सभी के पालन पोषण की जिम्मेदारी विक्रम सिंह पर थी। उसकी अकाल मृत्यु से पूरा परिवार सदमे में है। मृतक को सहायता राशि मिलने से परिवार को गुजारा हो सकता है। इसके लिए सभी निम्बीजोधां वासी प्रयासरत है। उपखण्ड अधिकारी ने परिवारजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की, वहीं उसे सहायता राशि अधिक से अधिक दिलाने के लिए एक निजी रूप से मुहिम भी चलाई है। जिसमें सभी सरकारी कार्मिकों व भामाशाहों को सहयोग देने की अपील की है।







