वरिष्ठ पत्रकार व लेखक जगदीश यायावर को उनके महनीय कार्योंं, शोध एवं सारस्वत साधना के लिए मिली ‘विद्या वाचस्पति’ की मानद उपाधि

लाडनूं (kalamkala.in)। वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार जगदीश यायावर को ‘विद्या वाचस्पति’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। ‘कलम कला’ के सम्पादक जगदीश यायावर की पत्रकारिता एवं लेखन में सुदीर्घ हिन्दी सेवा, सारस्वत साधना, कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों, शैक्षिक प्रदेयों, महनीय शोधकार्य तथा राष्ट्रीय/ अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर भारत सरकार से रजिस्टर्ड एवं नीति आयोग से मान्य सहारा चैरीटेबल ट्रस्ट की अनुशंसा पर विद्यावाचस्पति उपाधि प्रदान की गई है। उन्हें मानद उपाधि के रूप में ‘मुंशी प्रेमचंद विद्या वाचस्पति उपाधि 2025’ का सम्मान प्रदान किया गया है। ‘विद्या वाचस्पति’ की उपाधि पीएचडी के समकक्ष है। इस उपाधि के बाद उनके नाम के साथ ‘डॉक्टर’ का इस्तेमाल किया जा सकता है। गौरतलब है कि यायावर को इससे पूर्व ‘ऑनरेरी डॉक्टरेट’ की उपाधि सफलतापूर्वक सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद, पत्रकारिता, राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और समाज सेवा के क्षेत्र में उपलब्धियों का आकलन करते हुए ‘मानद डॉक्टरेट’ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका। यायावर ने पिछले 50 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में अनवरत सेवारत रहते हुए समाज व राष्ट्र की सेवा की है। साहित्य क्षेत्र में वे निरन्तर 1969 से सक्रिय रह कर गहन साधना पूर्ण कर रहे हैं। उनकी अनेक पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं।




