वैश्विक स्तर की धुनों से सराबोर ‘केशरिया बालम, आओ नहीं पधारो म्हारे देश’ जैसे गीतों की स्वर-लहरियों पर झूम उठे सभी श्रोता, लाडनूं में संगीत के शांति, भक्ति और अध्यात्म के सकारात्मक लहजे ने सबके मन को छुआ, विश्वविख्यात संगीतकार रिकी केज की प्रस्तुतियों ने रचा इतिहास

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वैश्विक स्तर की धुनों से सराबोर ‘केशरिया बालम, आओ नहीं पधारो म्हारे देश’ जैसे गीतों की स्वर-लहरियों पर झूम उठे सभी श्रोता,

लाडनूं में संगीत के शांति, भक्ति और अध्यात्म के सकारात्मक लहजे ने सबके मन को छुआ, विश्वविख्यात संगीतकार रिकी केज की प्रस्तुतियों ने रचा इतिहास

लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्व भारती परिसर में रविवार की शाम को गूंजे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के संगीत के सुमधुर प्रवाह ने जहां शांति, भक्ति, शक्ति और प्रेम को आमजन के बीच प्रवाहमान किया, उससे सभी एक आकर्षण के मोहपाश में बंधे रोमांचित और सम्मोहित से हो गए। श्रोतागण बार-बार संगीत की धुनों और गीतों के बोलों पर खड़े होकर खुशी का इजहार कर रहे थे, वैसे ही मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे थे। यह अभूतपूर्व भव्य संगीत संध्या का आयोजन जैन विश्व भारती के महाप्रज्ञ प्रोग्रेसिव स्कूल के तत्वावधान में विशाल महाश्रमण ग्राउंड में किया गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तीन बार ग्रेमी अवार्ड विजेता पद्मश्री रिकी केज की इस भव्य संगीत संध्या ने लाडनूं को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर नई पहचान दी है। उनका संगीत प्रकृति, शांति और मानवीय मूल्यों का सशक्त संदेश और संगीत प्रकृति, शांति और मानवीय मूल्यों का सशक्त संदेश लेकर आया। आयोजन लाडनूं को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

स्वरचित संगीत से रिकी केज ने किया मंत्रमुग्ध

संगीतकार रिकी केज ने अपने संगीत के सफर और अनुभवों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति भी रखता है। कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा रचित संगीत ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। इनकी मुख्य प्रस्तुतियों में ‘रघुपति राघव राजाराम’, ‘अयगिरी नन्दिनी’, ‘केसरिया बालम पधारो म्हारो देस’, ‘जूगनी’, ‘दमादम मस्त कलन्दर’ आदि रहे, जिन को सुन श्रोतागण झूमने पर मजबूर हो गए। उनके प्रत्येक स्वर, प्रत्येक लय, प्रत्येक धुन ने अध्यात्म और शांति का पैगाम प्रस्तुत किया। रिकी केज के साथ उनकी टीम की श्रद्धा गणेश, कार्तिक मनी, लूनी पार्क, वरिजा श्री, सुधीर यदुवंशी आदि की प्रस्तुतियां भी शानदार रही।

इन सबका रहा सफलता में योगदान

पूरे आयोजन को सफल बनाने में नाहर कलर एण्ड कोटिंग प्रा. लिमिटेड, उदयपुर के राज सुराणा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में परिसर संयोजक धरमचंद लूंकड, नवीन बैंगाणी, राजेन्द्र खटेड़ आदि का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लूंकड़, मुख्य न्यासी जयन्ती लाल सुराणा, शिक्षा संयोजक गौरव जैन मांडोत ने बधाई दी। कार्यक्रम के आयोजन में मुख्य भूमिका का निर्वहन करने वाले जैन विश्व भारती के संरक्षक अभय दूगड़ ने रिकी केज व टीम के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को प्रकृति संरक्षण, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों की ओर प्रेरित करना रहा।

करीब पांच हजार लोगों की रही उपस्थिति

इस मेगा म्यूजिकल इवेंट में 5000 से अधिक लोगों की उपस्थिति से यह ऐतिहासिक कार्यक्रम सिद्ध हुआ। डॉ. विजयश्री शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत, एसपी ऋचा तोमर सहित जिले के समस्त प्रशासनिक अधिकारियों, जैविभा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ और समस्त स्टाफ के अलावा विभिन्न शिक्षाविदों, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों और जिले की स्कूलों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। जैन विश्व भारती के समस्त पदाधिकारीगण, समस्त संघीय संस्थाओं के पदाधिकारीगण, स्थानीय सभा, संस्थाओं के पदाधिकारीगण आदि की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्या रचना बालानी ने स्वागत किया। विद्यालय परिवार ने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रेडियो मिर्ची की आर.जे राजुल सुराणा ने किया।

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Author: kalamkala

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