कलाल समाज में बदलाव का आगाज-
एक रुपये और नारियल के लेनदेन से हुई सादगीपूर्ण शादी ने पेश की समाज के समक्ष मिसाल
लाडनूं (kalamkala.in)। बढ़ती शादी की फिजूलखर्ची और दहेज प्रथा के कुत्सित माहौल के बीच कई बार सुखद व सुकून देने वाले अवसर भी सामने आ जाते हैं। लाडनूं में भी ऐसी ही एक सुखद व प्रेरणादायक पहल सामने आई है। यहां कमल खींची के पुत्र विशाल खींची का विवाह सीकर निवासी अर्जुन टाक की पुत्री ज्योति के साथ हुआ। इस विवाह में वर पक्ष ने रस्म अदायगी के तौर पर मात्र एक रुपये और नारियल स्वीकार करते हुए दहेज की घृणित परंपरा को तिलांजलि दे दी। सादगीपूर्वक हुए इस विवाह को देखते हुए क्षेत्र में इसकी चर्चा रही और लोगों ने इसे एक सकारात्मक और सामाजिक सुधार की पहल बताया। यह भी बताया गया है कि लाडनूं क्षेत्र के अनुसूचित जाति वर्ग में अपनी प्रकार का यह पहला समाज-सुधार का उदाहरण है। बिना किसी दिखावे और फिजूल खर्च के केवल एक रुपये और नारियल के साथ शादी सम्पन्न करने की सर्वत्र सराहना की जा रही है।विवाह समारोह में दोनों परिवारों ने सादगी को प्राथमिकता दी और समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास किया। इस अवसर पर नगर पालिका के उपाध्यक्ष मुकेश खींची ने कहा कि समाज में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए इस तरह के कदम उठाए जाने के लिए अग्रणी होना बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोग इसी तरह सादगी से विवाह करने लगें तो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हो सकता है। समाज के अन्य कई लोगों ने इस विवाह को एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बताया। पार्षद सुमन खींची ने कहा कि आज जो शादी-ब्याह में अनावश्यक खर्च और दिखावे की होड़ बढ़ रही है, उससे बहुत से परिवार आर्थिक दबाव में आ जाते हैं। अगर समाज में इस तरह सादगीपूर्ण शादियां होने लगें तो विवाह पर होने वाली फिजूलखर्ची को रोका जा सकेगा और विवाह के फालतू खर्च का उपयोग बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य के निर्माण के लिए प्रयोग किया जाकर समाज को तेजी से आगे बढ़ाया सकता है।







