सांवराद के मामले में शिक्षक व ग्रामीण देंगे एसडीएम को ज्ञापन और बताएंगे सच्चाई
लाडनूं। सांवराद के सरकारी विद्यालय में अध्यापकों द्वारा एक दलित छात्र के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपी अध्यापक ने उसे सरासर झूठ बताया है। वरिश्ठ अध्यापक सांवरमल शर्मा का कहना है कि उक्त विद्यार्थी लम्बे समय से विद्यालय नहीं आया था, जिस दिन की घटना बताई गई है, उस दिन भी वह अनुपस्थित ही था। उस विद्यार्थी के पिता ने भी कभी विद्यालय आकर कोई बात नहीं की। एफआईआर में बताई गई सभी बातें सरासर असत्य है और केवल ब्लेकमेलिंग करने के लिए यह साजिश रची गई है। यह कत्तई संभव नहीं कि ऐसी कोई घटना घटित हुई हो। समाज में गुरु की गरिमा को धूमिल किया जा रहा है। कुछ लोग अध्यापकों को फं़साना और डरा कर रखना चाहते हैं। इससे समाज में गुरुजनों के प्रति गलत भावना पैदा हो रही हैं। बच्चे को पीटने व उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त करने तथा जाति सूचक गालियां देने का सरासर झूठा आरोप लगाने के पीछे भी कुछ लोगों की दूसरी ही मानसिकता है। वे कानून का गलत लाभ उठाना चाहते हैं। यह सब असामाजिक लोगों की पीछे से थापी लगाने से हो रहा है। यह मामला तो पूर्ण रूप से झूठा होना साबित किया जाने योग्य है।
शिक्षक व ग्रामीण सौंपेंगे एसडीएम को ज्ञापन
दूसरी तरफ सांवराद ग्रामवासियों एवं शिक्षक वर्ग की ओर से इस मामले को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया जाने का निर्णय लिया गया है। यह ज्ञापन 16 अगस्त मंगलवार को दोपहर 1.30 बजे पंचायत समिति भवन के समक्ष सभी उपस्थित होकर सामूहिक रूप से एसडीएम ऑफिस जाकर ज्ञापन देंगे। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सांवराद के वरिष्ठ अध्यापक सांवरमल शर्मा एवं वरिष्ठ अध्यापक रामनिवास जाट दोनों अपने आरोपों से इंकार करते हैं। इस मामले में आरोपित अध्यापक का कहना है कि रिपोर्ट देने वाले ने उनसे रुपयों की मांग की थी। इस सम्बंध में उनके पास कुछ साक्ष्य भी मौजूद है। उन्होंने इसके पीछे एक असामाजिक व्यक्ति का हाथ बताया है। गौरतलब है कि अध्यापक सांवरमल शर्मा व रामनिवास जाट के विरुद्ध जसवंतगढ़ थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी कि “दिनांक 1/08/2022 को इन दोनों शिक्षकों ने एक बच्चे को बुरी तरह से उठा-उठा कर पटका तथा लातों से अमानवीय तरीके से पीटा। उससे सौ उठक-बैठक निकलवाई तथा शिकायतकर्ता द्वारा विद्यालय में आकर समझाइश करने पर उनके साथ गलत व्यवहार किया तथा जाति सूचक गालियां निकाली। इसी आरोप का खंडन व विरोध किया जा रहा है।







