पड़िहारा में हवाई पट्टी की बदलेगी सूरत, बाउंड्री-वाल और नवीनीकरण पर होंगे 4.60 करोड़ खर्च, पड़िहारा हवाई पट्टी के विकास से पर्यटन को लगेंगे पंख, सालासर-छापर-लाडनूं आ पाएंगे सैलानी

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पड़िहारा में हवाई पट्टी की बदलेगी सूरत, बाउंड्री-वाल और नवीनीकरण पर होंगे 4.60 करोड़ खर्च,

पड़िहारा हवाई पट्टी के विकास से पर्यटन को लगेंगे पंख, सालासर-छापर-लाडनूं आ पाएंगे सैलानी

राज्य में 10 हवाई-पट्टियों के लिए 37.75 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

जयपुर। राज्य की 10 हवाई पट्टियों के विस्तार एवं विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 37 करोड़ 75 लाख रूपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मंजूरी से राज्य स्वामित्व वाली इन हवाई पट्टियों पर रनवे रीकारपैटिंग, बाउण्ड्री वॉल निर्माण, कम्पाउण्ड वॉल निर्माण, हवाई पट्टी का नवीनीकरण सहित विभिन्न कार्य होंगे। इनमें चूरू जिले की रतनगढ तहसील में आने वाले सुजला क्षेत्र के गांव पड़िहारा स्थित हवाई पट्टी को भी विकास कार्यों के लिए शामिल किया गया है। यह आधुनिकीकरण किया जाने के बाद पड़िहारा की यह हवाई पट्टी लोगों के लिए 24 घंटे काम आ सकेगी। राजस्थान सरकार द्वारा घोषित किए गए इस कार्य से इस क्षेत्र के पर्यटन को पंख लगने की संभावना है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की पांच हवाई पट्टियों का जिक्र बजट में किया है, जिसमें चूरू की पड़िहारा हवाई पट्टी का नाम भी है। पड़िहारा हवाई पट्टी का विकास होने से क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं सालासर के सिद्धबालाजी धाम, छापर अभ्यारण और लाडनूं के जैन विश्व भारती व सम्बद्ध विश्वविद्यालय में आने वाले पर्यटकों व दर्शनार्थियों को भी काफी लाभ मिलेगा और उनके निजी प्लेन इस हवाई पट्टी पर उतर सकेंगे।
हवाई पट्टी की वर्तमान स्थिति
गौरतलब है कि गत 28 जून 2012 में गहलोत सरकार ने पड़िहारा में हवाई पट्टी निर्माण के लिए आठ करोड़ 60 लाख रुपए की तकनीकी स्वीकृति जारी की थी। इसके बाद हवाई पट्टी के निर्माण का काम शुरू किया गया था तथा यह हवाई पट्टी बनकर तैयार है। अब इसका विकास व आधुनिकीकरण संभच हो पाएगा। वर्तमान में हवाई पट्टी का रन-वे 5 हजार फीट लंबा व 100 फीट चैड़ा है। गेस्ट हाऊस व सड़के बनी हुई है, लेकिन इसका विस्तार किया जाएगा, तो रनवे को 9000 फीट लंबा करना पड़ेगा तथा रन-वे लंबा करने के लिए सरकारी व प्राइवेट भूमि को अधिग्रहण करना पड़ेगा। पड़िहारा हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में तब्दील करने के लिए कई परेशानियों का सामना प्रशासनिक अधिकारियों को करना पड़ेगा, जिसमें प्रमुख समस्या हवाई पट्टी के रन-वे को बढ़ाने में हाईटेंशन बिजली लाइन को अन्यत्र स्थानांतरित करना तथा रेलवे व खसरा की भूमि का अधिग्रहण करना पड़ेगा। जब तक उक्त कार्य नहीं होगा, हवाई पट्टी का रनवे नहीं बढ़ पाएगा तथा मन चाहा विकास नहीं हो पाएगा।
वसुंधरा राजे ने दो घंटे बिताए थे इस हवाई पट्टी पर
गत भाजपा सरकार के दौरान ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने इस हवाई पट्टी पर दो घंटे व्यतीत किए थे तथा मंशा जाहिर की थी कि इस हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में तब्दील किया जाए। उसके बाद अधिकारियों ने अपने स्तर पर काफी प्रयास भी किया, लेकिन उक्त हवाई पट्टी हवाई अड्डे में तब्दील नहीं हो पाई। अपनी पूर्व सरकार में बनाई गई इस हवाई पट्टी को आधुनिकीरण करने की घोषणा के बाद हवाई पट्टी को लेकर फिर से क्षेत्र के लोगों ने प्रसन्नता जाहिर की है। लेकिन सरकार की इस घोषणा के पटल पर उतर सकने पर संशय बना हुआ है।
ये सब हुए स्वीकृत कार्य
राजकीय सूत्रों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार हवाई पट्टिायों के विस्तार व निर्माण सम्बंधी इन कार्यों के लिए चयनित किए जाने वाले कार्यों मंें कोलाना (झालावाड़) हवाई पट्टी के लिए मेगा हाइवे एवं बुद्ध मण्डावर रोड शिफ्टिंग व बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 14 करोड़, आबू रोड (सिरोही) हवाई पट्टी की रनवे रीकारपैटिंग एवं बाउंड्री वॉल की ऊंचाई में वृद्धि के लिए 4 करोड़, फलौदी (जोधपुर) हवाई पट्टी के रनवे की रीकारपैटिंग के लिए 1.97 करोड़, तलवाड़ा (बांसवाड़ा) हवाई पट्टी की रनवे रीकारपैटिंग व एप्रोच रोड की मरम्मत एवं प्रतीक्षालय भवन के निर्माण के लिए 3.40 करोड़ रूपये की लागत से कार्य किए जाएंगे।
पड़िहारा में 4.60 करोड़ होंगे खर्च
पड़िहारा (चूरू) की हवाई पट्टी की कम्पाउंड वॉल एवं वर्तमान हवाई पट्टी के नवीनीकरण के लिए 4.60 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। सिरोही हवाई पट्टी के नवीनीकरण एवं बाउण्ड्री वॉल निर्माण के लिए 4.50 करोड़, तारापुरा (सीकर) हवाई पट्टी के नवीनीकरण एवं बाउण्ड्री वॉल निर्माण के लिए 2 करोड़, कुम्हेर (भरतपुर) हवाई पट्टी की कम्पाउंड वॉल के लिए 2 करोड़, सवाई माधोपुर हवाई पट्टी के नवीनीकरण के लिए 1.23 करोड़ तथा हमीरगढ़ (भीलवाड़ा) हवाई पट्टी की बाउंड्री वॉल की मरम्मत के लिए 5 लाख रूपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

kalamkala
Author: kalamkala

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