बहुत आवश्यक है धार्मिक विचारों और संस्कारों का प्रसार- संत धीरजराम महाराज
लाडनूं। kalamkala.in स्थानीय रामद्वारा सत्संग भवन में चातुर्मास कर रहे सनातन परंपरा के रामस्नेही संत श्री धीरजराम जी महाराज के सानिध्य में “घर-घर चर्चा हो धर्म की” विषयक संगोष्ठी का रामद्वारा में किया गया, जिसे संबोधित करते हुए संत धीरजराम महाराज ने धर्म को परिभाषित करते हुए कहा कि धार्मिक विचारों और संस्कारों का प्रसार बहुत आवश्यक है। इन्हें हर घर तक पहुंचाने का दायित्व युवा वर्ग पर है। आज देश में लगातार प्रहार हो रहे हैं, इससे धर्म के मर्म को चोट पहुंच रही है। उन्होंने यतो धर्मस्स ततो जय का उल्लेख करते हुए संसार की समस्त बुराइयों पर केवल धर्म के माध्यम से विजय पाने की ईश्वरीय व्यवस्था के बारे में बताया। इस अवसर पर अनेक लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर शीघ्र ही संत महाराज के सान्निध्य में नगर के गणमान्य लोगों की एक धर्म संगोष्ठी रखने पर भी विचार किया गया।
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