बांगड़ कॉलेज छात्रसंघ चुनाव- फेरबदल शुरू, छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्षा गरिमा नरूका ने भीमसेना छोड़कर एबीवीपी ज्वॉइन की

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छात्र-संगठन हुए आमने-सामने, माहौल गरमाया, आचार संहिता का कोई अता-पता नहीं

डीडवाना। छात्रसंघ चुनाव को लेकर गरमाती राजनीति और तेज सरगर्मियों के बीच जोड़-तोड़ लगाने, मान-मनौव्वल, घर-घर जाकर संपर्क आदि अपने परवान पर है। बांगड़ कॉलेज में एनएसयूआई, एबीवीपी, एसएफआई और भीमसेना इन चारों संगठनों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। यहां कुल 4046 मतदाता छात्र इन उम्मीदवारों के नसीब का निर्णय करेंगे। इस बीच चुनाव के माहौल में फेरबदल शुरू हो गए हैं। गुरूवार को बांगड़ कॉलेज में भीमसेना से बांगड़ कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष रहीं गरिमा नरूका ने अपने दल-बल के साथ एबीवीपी का दामन थाम कर भीमसेना को बड़ा झटका दिया है। नरूका ने बताया कि भीमसेना में रहते हुए उसने अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था, लेकिन इस संगठन पर कुछ लोगों ने एकाधिकार कर रखा है। इसमें सदस्यों और उनकी भावनाओं की कोई कद्र नहीं है। ना ही छात्र हितों की चिंता है। संगठन के निर्णय मनमाने रूप से लिए जा रहे हैं, इससे आहत होकर मैंने और मेरे छात्र साथियों ने एबीवीपी ज्वाइन कर ली है। नरूका ने कहा कि जिस संगठन में छात्रों की नहीं सुनी जाती, ऐसे संगठन में काम करना मुश्किल था और फिर एबीवीपी की राष्ट्रवादी सोच ने मुझे प्रभावित किया। इसी वजह से एबीवीपी ज्वाइन की है। उन्होंने कहा कि वे छात्र हितों के लिए हमेशा संघर्ष करती रही हैं और आगे भी करती रहेंगी।
तीनों संगठनों के छात्रा हुए आमने-सामने


राजकीय बांगड़ महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव में छात्र संघर्ष की ओर बढते नजर आ रहे हैं। बुधवार को एबीवीपी, एनएसयूआई और भीम सेना के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए और कॉलेज के मुख्य द्वार पर ही तीनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। उन्होंने एक-दूसरे के सामने ही जबरदस्त नारेबाजी और प्रदर्शन किया। लगातार नारेबाजी और प्रदर्शन से छात्र संगठनों के तीनो पक्षों के बीच तनातनी बढ़ी और माहौल गरमा गया। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने छात्र संगठनों को अलग-अलग करने और वहां से हटाने का प्रयास भी किया। कार्यवाहक प्राचार्य और कॉलेज प्रबंधन भी मुख्य द्वार पर पहुंचे और छात्र संगठनों से समझाइश कर उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र कार्यकर्ता नहीं माने। छात्र कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ती गई और माहौल काफी गर्मा गया। बाद में डीडवाना थाना अधिकारी राजेश कुमार डूडी मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और छात्रों की भीड़ को तितर-बितर किया।
आचार संहिता रखी ताक पर
राजकीय बांगड़ महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव को लेकर बढ रही सरगर्मियों के बीच सभी छात्र संगठन चुनाव जीतने के लिए पुरजोर जद्दोजहद में लगे हैं। दिन-रात प्रचार अभियान में जुटे ये छात्र-संगठन आचार संहिता की भी खुले आम धज्जियां भी उड़ा रहे हैं। छात्र संगठनों ने बांगड़ कॉलेज परिसर में जबरदस्त नारेबाजी कर हुड़दंग मचाया और कॉलेज में पर्चे ओर पेम्पलेट उछाल कर और बांटकर खुलेआम छात्र मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की। छात्र संगठन पुलिस और कॉलेज प्रबंधन के सामने ही कॉलेज परिसर में धज्जियां उड़ाने के बावजूद उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की जा रही है। कॉलेज परिसर के अंदर और सामने की मुख्य सड़क तक पोस्टरों व पम्फलेटों से पटे हुए हैं। बांगड़ कॉलेज जिले में सबसे बड़ा कॉलेज होने से यहां छात्रसंघ चुनाव सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। छात्र गुटों में कई बार आमने-सामने की भिड़ंत कोई बड़ा रूप भीे ले सकती है और यहां आचारसंहिता की पालना कॉलेज प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी।

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Author: kalamkala

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