रजिस्ट्रियों में रोज की बाधाओं से परेशानी और सरकार को राजस्व हानि
ई-पंजीयन वेबसाईट की खराबी को लेकर प्रलेख लेखक संघ ने सौंपा ज्ञापन
लाडनूं। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग राजस्थान की ई-पंजीयन वेबसाईट को दुरूस्त कराने की मांग को लेकर स्थानीय प्रलेख लेखक संघ द्वारा यहां उपखण्ड अधिकारी अनिल कुमार गढ़वाल को जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान ज्ञापन दिया गया। प्रलेेख लेखक संघ के सचिव नरपतसिंह गौड़ ने बताया कि ई-पंजीयन वेबसाईट में गत कई दिनों से प्रॉब्लम चल रही है, जिससे पंजीयन कार्य बाधित हो रहे हैं। इंटरनेट की अच्छी स्पीड होने पर भी ऑफिसियल साईट तथा सीटिजन साईट दोनों में समस्या बनी हैै। साईट पर काम करते समय बार-बार होम पेज आ जाता है अथवा साईट काम करना बंद कर देती है। इससे जो काम 5 मिनिट में होना होता है, वही काम 5 घंटे में भी नहीं हो पाता है।
उन्होंने बताया कि यह समस्या पूरे प्रदेश की समस्या है। वेबसाईट पर विवरण अपलोड करने में परेशानी व दस्तावेज पंजीयन नहीं होने से रजिस्ट्रियां करवाने के लिए आने वाले लोगों कोे बिना रजिस्ट्री वापिस लौटाना पड़ रहा है। इससे आपसी सौदे केैंसिंल होकर अनावश्यक विवाद पैदा होते है और राजस्व आय का नुक्शान भी हो रहा है। सााि ही इससे पक्षकारों, प्रलेख लेखकोें आदि सभी को परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में वर्णित किया गया कि जब से यह बेवसाईट आई है, शुरू से ही प्रोब्लम है। वेेबसाईट खराब होने पर शिकायत करते है तो ठीक कर दी जाती है और कुछ समय बाद पुनः खराब हो जाती है। फिर शिकायत करते हैं तो फिर ठीक कर दी जाती है और कुछ समय बाद फिर खराब हो जाती है।
उन्होंने बताया कि यह समस्या पूरे प्रदेश की समस्या है। वेबसाईट पर विवरण अपलोड करने में परेशानी व दस्तावेज पंजीयन नहीं होने से रजिस्ट्रियां करवाने के लिए आने वाले लोगों कोे बिना रजिस्ट्री वापिस लौटाना पड़ रहा है। इससे आपसी सौदे केैंसिंल होकर अनावश्यक विवाद पैदा होते है और राजस्व आय का नुक्शान भी हो रहा है। सााि ही इससे पक्षकारों, प्रलेख लेखकोें आदि सभी को परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में वर्णित किया गया कि जब से यह बेवसाईट आई है, शुरू से ही प्रोब्लम है। वेेबसाईट खराब होने पर शिकायत करते है तो ठीक कर दी जाती है और कुछ समय बाद पुनः खराब हो जाती है। फिर शिकायत करते हैं तो फिर ठीक कर दी जाती है और कुछ समय बाद फिर खराब हो जाती है।
आखिर कब तक होगी अपडेट
गौड़ ने बताया कि वेबसाईट कीं प्रोब्लम पर पूर्व में भी उनके द्वारा ज्ञापन भेजे जाने पर महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक ने पत्र दिनांक 18/09/2018 द्वारा लिखित में अवगत कराया था कि ई-पंजीयन वेबसाईट को और अधिक सुचारू रूप से चलानेे हेतु अतिरिक्त सर्वर तथा सॉफ्टवेयर अद्यतन करने का कार्य प्रगति पर है। गौड़ ने कहा कि इसके चार साल व्यतीत होने पर भी लगता है कि अतिरिक्त सर्वर तथा सॉफ्टवेयर अद्यतन करने का कार्य पूरा नहीं हुआ है। अगर कार्य पूरा हो चुका, तो पुनः वैसी ही प्रोब्लम आने के कारणों की समीक्षा करके स्थाई समाधान के प्रयास किये जाने चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई कि ई-पंजीयन वेबसाईट की प्रॉब्लम का समाधान करवाया जाकर वेबसाईट को दुरूस्त करवाया जावे तथा भविष्य में यह प्रॉब्लम पुनः न आए, इसकी पुख्ता व्यवस्था करवाई जाए। जब भी ई-पंजीयन वेबसाईट नहीं चले, तो दस्तावेजों को ऑफलाइन फीड करवाने तथा वेबसाईट चलने पर उसकी सीडिंग कराने का सिस्टम राज्य में शुरू करानेे हेतु निर्देश जारी होने चाहिए। इससे वेबसाईट के न चलनें पर भी पंजीयन कार्य बाधित नही हो पाएगा तथा पक्षकारों को निराश होकर नहीं लौटना पड़ेगा। ज्ञापन में बताया गया है कि जब अन्य सरकारी कार्यों में ऑनलाईन व ऑफलाईन दोनों व्यवस्थाएं लागूू हैं अर्थात् वेबसाईट न चलने पर भी ऑफलाईन फिडिंग और वेबसाईट चलने पर उसकी ऑनलाईन सीडिंग होती है। इसलिए ऐसी व्यवस्था ई-पंजीयन में भी लागू करवाई जाये।
ज्ञापन में मांग की गई कि ई-पंजीयन वेबसाईट की प्रॉब्लम का समाधान करवाया जाकर वेबसाईट को दुरूस्त करवाया जावे तथा भविष्य में यह प्रॉब्लम पुनः न आए, इसकी पुख्ता व्यवस्था करवाई जाए। जब भी ई-पंजीयन वेबसाईट नहीं चले, तो दस्तावेजों को ऑफलाइन फीड करवाने तथा वेबसाईट चलने पर उसकी सीडिंग कराने का सिस्टम राज्य में शुरू करानेे हेतु निर्देश जारी होने चाहिए। इससे वेबसाईट के न चलनें पर भी पंजीयन कार्य बाधित नही हो पाएगा तथा पक्षकारों को निराश होकर नहीं लौटना पड़ेगा। ज्ञापन में बताया गया है कि जब अन्य सरकारी कार्यों में ऑनलाईन व ऑफलाईन दोनों व्यवस्थाएं लागूू हैं अर्थात् वेबसाईट न चलने पर भी ऑफलाईन फिडिंग और वेबसाईट चलने पर उसकी ऑनलाईन सीडिंग होती है। इसलिए ऐसी व्यवस्था ई-पंजीयन में भी लागू करवाई जाये।
इन सबको भेजा ज्ञापन
ज्ञापन देने वालों में सचिव नरपतसिंह गौड़, हनुमंतसििंह परिहार, एडवोकेट रामेश्वरलाल पटेल आदि मौजूद रहे। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, संयुक्त निदेशक (कम्प्यूटर) पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, उप निदेशक (कम्प्यूटर), पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, अतिरिक्त मुुख्य सचिव (वित्त) राजस्थान सरकार, सचिव वित्त (राजस्व) राजस्थान सरकार, जिला कलक्टर आदि को भिजवाई गई।







