*जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन में पत्रकार सुरक्षा को लेकर मंथन*

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आज के समय में पत्रकारिता चुनौतीपूर्ण संघर्ष -राठौड़

नागौर । आज के दौर में पत्रकारिता क्षेत्र चुनौतियों भरा एवं संघर्षपूर्ण है। पत्रकारों के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की सख्त जरूरत है। तभी पत्रकार निर्भय होकर काम कर पाएंगे। यह बात जिला मुख्यालय स्थित बीआर मिर्धा राजकीय महाविद्यालय में रविवार को एक दिवसीय पत्रकार अधिवेशन को संबोधित करते हुए आईएफडब्ल्यूजे संगठन के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने कही। इस मौके पर राठौड़ ने सम्मेलन में श्रीगंगानगर, जोधपुर, अजमेर, जयपुर व नागौर जिले के विभिन्न उपखण्डों से आए सभी पत्रकारों को पत्रकार सुरक्षा कानून देने की बात कही।
इस मौके पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए नागौर विधायक मोहनराम चौधरी ने कहा है कि आज के युग में पत्रकारों के लिए पत्रकारिता क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण संघर्ष है। वहीं नागौर जिले की राजनीति परिवार के कद्दावर नेता राघवेंद्र मिर्धा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि एक समय था जब पत्रकारिता क्षेत्र में काम करना बहुत टेढ़ा मामला था। ग्रामीण इलाकों के पत्रकारों को उनके क्षेत्र में काफी परेशानी हो रही हैं। मिर्धा ने भी पत्रकार सुरक्षा का जिक्र किया। उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि इसके लिए राज्य सरकार से मांग करेंगे तथा पूरा प्रयास रहेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग का वो समर्थन करते हैं। लेकिन यह कानून समाचार पत्रों व न्यूज चैनलों के मालिकों के लिए न हो। अपनी जान को जोखिम में डालकर, धरातल पर कार्य करने वाले सभी पत्रकारों को मिलना ही चाहिए और नागौर जिले के सभी पत्रकारों को सुरक्षित रखने की बात भी कही।
कार्यक्रम के दौरान नागौर डिप्टी विनोद कुमार सीपा ने कहा कि पत्रकार व पुलिस प्रशासन का हमेशा अच्छा तालमेल बना रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता क्षेत्र में सही शब्दों का चयन करें। किसी बात को सही तरीके से तोड़ मरोड़ कर प्रकाशित नहीं करके समाज में अच्छी पत्रकारिता करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रेस नोट के अनुसार पत्रकारिता कोई मायने नहीं रखती। इसलिए पत्रकार अपनी शैली में ही सही पत्रकारिता करे तो वह अपना विशेष स्थान बना पाएगा।
इस अवसर पर संगठन के अजमेर संभाग प्रभारी मनवीर सिंह चुंडावत ने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्तमान स्थिति एवं चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि पग-पग पर पत्रकार को उन स्थितियों से जुझना पड़ता है जो उनके लिए अकल्पनीय है। अपने खोजी पत्रकारिता के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि यदि आप सही मायनों में निष्पक्ष और निर्भीक होकर पत्रकारिता करने का जज्बा रखते हैं तो संगठन और संगठित भाव के बिना यह संभव नहीं है। इस दौरान चूंडावत ने अजमेर दंगों पर कवरेज के दौरान खुद पर हुई झूठी एफआईआर का भी जिक्र किया।

पत्रकारों को एकजुट रहना होगा
इस दौरान प्रदेश राजस्थान कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. मोइनुल हक ने संगठन के जीवन परिचय को पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि जिस संगठन को वर्ष 1947 में मिली आजादी के तीन वर्ष बाद पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नींव रखी हो। वह संगठन किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस दौरान डॉ. हक ने पत्रकारों को एकजुट रहने का संदेश भी दिया। वहीं आने वाले विधानसभा चुनावों में सभी पार्टियों के मेनोफेस्टो में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने का आग्रह किया।

*जोधपुर के वरिष्ठ पत्रकार पर हुए हमले का हुआ जिक्र -*
समारोह के दौरान प्रदेश में अब तक 144 पत्रकारों पर हो चुके हमलों का जिक्र भी किया गया। जिनमें दो पत्रकारों को मौत के मुँह में जाना पड़ा। वहीं जोधपुर के वरिष्ठ पत्रकार सुभाष सिंह चौहान को डिस्कॉम के चीफ इंजीनियर एमएस चारण के इशारे पर घसीटते हुए बाहर फिंकवाने की बात भी उठाई और उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लोक सेवक पत्रकारों पर हमले कर रहे हैं और लोकसेवकों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद भी उनको निलंबित न करना, पत्रकार कौम का बिखराव व एकजुटता न होने का प्रमाण है।
नागौर जिला अध्यक्ष लोकेश श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन दिया और सम्मेलन में उपस्थित अतिथियों एवं पत्रकारों को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की। मंच का संचालन सद्दाम हुसैन ने किया। वहीं समारोह में वरिष्ठ पत्रकार देवकिशन राजपुरोहित, पुलिस वृताधिकारी विनोद कुमार सीपा, नगरपरिषद सभापति मीतू बोथरा, संगठन के अजमेर संभाग सचिव मनवीर सिंह, जोधपुर संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. के.आर गोदारा सहित उपखण्डों से आए सभी पदाधिकारियों को मंच से साफा, माला व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रुप में राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता फाल्गुन बुच, संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णुदत शर्मा, एडवोकेट राहुल चौधरी तथा संगठन के सचिव सुनिल तिवाड़ी, संगठन के पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद्र जैन, संगठन के मेड़ता उपखंड अध्यक्ष रामेश्वर सोनी, खींवसर उपखंड के अध्यक्ष कमल किशोर तंवर, मूंडवा से अणदाराम बिश्नोई, लाडनूं के जगदीश यायावर, डेगाना के जी.आर. मूण्डेल, कुचामन के विमल पारीक, डीडवाना के कृष्ण मुरारी, परबतसर के सुरेंद्र पारीक, मकराना से विनय सोनी, नावां से हितेश तथा जायल ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र शर्मा, बलवीर खुड़खुड़िया, हनुमान तंवर सहित जिले के करीब 175 पत्रकार बंधुओं ने भाग लिया।

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Author: kalamkala

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