शादियों की फिजूलखर्ची को दिया मुंहतोड़ जवाब, अहले-हदीश मस्जिद में जाकर रचाई सादगी पूर्ण शादी, दूल्हा-दुल्हन खुश और लोगों ने की जमकर सराहना

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

शादियों की फिजूलखर्ची को दिया मुंहतोड़ जवाब,

अहले-हदीश मस्जिद में जाकर रचाई सादगी पूर्ण शादी, दूल्हा-दुल्हन खुश और लोगों ने की जमकर सराहना

लाडनूं (अबूबकर बल्खी, पत्रकार)। भारी फिजूलखर्ची से होने वाली शादियों की होड़ के बीच मस्जिद में जाकर सादगी पूर्वक विवाह रचाने वाला जोडा लोगों की खूब प्रशंसा जुटा रहा है। गुरुवार को यहां तेलीरोड़ स्थित मदीना मस्जिद अहले-हदीश में यह विवाह सादगी पूर्वक सम्पन्न करवाते हुए शेख मोहम्मद साबिर सल्फी ने निकाह की रस्म अदा करवाई। शेख साबिर सलफी ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान में जहां युवा अपनी शादियों में फिजूलखर्ची कर समाज मे कुरीतियों को बढ़ावा देकर निकाह की सुन्नत को मुश्किल बना रहे हैं, ऐसे माहौल में यह सादगी से संपन्न हुआ निकाह आमजन व युवा पीढ़ी के लिए मिसाल बन गया है। उन्होंने कहा कि निकाह के बाद दुल्हन की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने एवं उससे जुड़ी हुई संपूर्ण जिम्मेदारी दूल्हे की होती है। इस आदर्श विवाह में दल्हा अब्दुल वहीद पुत्र मेहबूब आलम की निकाह दुल्हन तरन्नुम बानो पुत्री अब्दुल जब्बार के संग इस्लामिक रीति रिवाज के साथ मस्जिद में सादगी से संपन्न करवाई गई। दूल्हा-दुल्हन के इस निकाह को लेकर शहर में सभी जगह चर्चा हो रही है। सभी लोगों ने दूल्हा व दुल्हन पक्ष के लोगों की इस पहल के लिए प्रशंसा की है।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

लाडनूं में हुई भाजपा एकजुट, मिटी सारी गुटबाजी, अब विजय का मार्ग प्रशस्त, भाजपा नेता ठाकुर करणीसिंह और गजेंद्र सिंह ओड़ींट ने मिलकर किया सहभोज, हाईवे कार्यालय पहुंचने पर हुआ करणीसिंह का भव्य स्वागत

सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, बिना अनुमति रैली/सभा के आयोजन, संपत्तियों के विरूपण और मतदाताओं को प्रलोभन पर रहेगी कड़ी नजर- एसडीएम ममता लहुआ, लाडनूं में पंचायत राज चुनाव को लेकर मीडियाकर्मियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक, राजनीति लोग ले रहे हैं हलके में, आचार संहिता के पालन में भेदभाव के लगे आरोप

क्या लाडनूं की 60 साल पुरानी खादी संस्था अब दम तोड़ देगी? कुछ लोग जुटे हैं कब्जा करने, जमीनें बेचने और पूरी संस्था को खुर्द-बुर्द करने की उधेड़बुन में, लाडनूं की ग्राम स्वराज्य समिति की व्यथा-कथा, अध्यक्ष को उतरना पड़ा लड़ाई के मैदान में, दिया अनशन व धरना, गांधीवादी तरीके से विरोध का मोर्चा संभाला

शहर चुनें

Follow Us Now