लाडनूं में हुई भाजपा एकजुट, मिटी सारी गुटबाजी, अब विजय का मार्ग प्रशस्त,
भाजपा नेता ठाकुर करणीसिंह और गजेंद्र सिंह ओड़ींट ने मिलकर किया सहभोज, हाईवे कार्यालय पहुंचने पर हुआ करणीसिंह का भव्य स्वागत

लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं में गुटबाजी में बिखरी नजर आ रही भाजपा पंचायत चुनाव से पूर्व ही एकजुट हो चुकी है और सारे गिले-शिकवे भुलाकर कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ पंचायत चुनाव में उतरने के संकल्प के साथ मैदान में उतरने का मन बना चुके हैं। भाजपा नेता ठाकुर करणी सिंह ने बड़ा दिल दिखाते हुए यहां हाईवे पर पृथक् रूप से खोले गए पंचायत चुनाव कार्यालय में अपने साथियों के साथ पहुंचे और वहां मौजूद सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को सभी प्रकार के मतभेदों से दूर रह कर पंचायत राज चुनाव में सफलता के लिए जुट जाने के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीदवार को देखने के बजाय सभी सीटों पर केवल कमल के फूल को महत्व देना है। हमारा लक्ष्य केवल भाजपा की जीत होना चाहिए। चुनाव तक किसी तरह के मतभेद को सामने नहीं लाना है। इसके बाद वहां उपस्थित सभी ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और उनका साथ देने और भाजपा को विजयी बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह ओड़ींट ने उन्हें भाजपा का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। बदले में करणी सिंह ने भी गजेंद्र सिंह को दुपट्टा पहना कर सम्मान प्रदान किया।
दोनों नेताओं ने मिल प्राप्त किए आवेदन
इन दोनों नेताओं ने इस दौरान वहां आए लोगों से पंचायत चुनाव के लिए दावेदारों से उनके आवेदन पत्र भी प्राप्त किए। आनंद बागड़ा, अनिल पिलानिया, राजकुमार स्वामी, अमर सिंह सौडा ने टिकट के लिए अपने आवेदन पत्र उनको सौंपे। इस अवसर पर एडवोकेट गोविंद सिंह कसूम्बी, भाजपा के कसूम्बी ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष आनंद बागड़ा, भवानी सिंह, प्रताप सिंह कोयल, अर्जुन सिंह, अनिल पिलानिया, सुरेश चौधरी, सत्येंद्र सिंह छपारा, सोहनराम चौधरी, गिरधारी चौधरी, जगदीश पारीक, राजेश भोजक आदि उपस्थित रहे। बाद में गजेंद्र सिंह ओड़ींट स्वयं करणी निवास गए और वहां ठाकुर करणी सिंह के साथ बैठ कर भोजन किया।
भाजपा फहराएगी अब विजय पताका
ज्ञातव्य है कि पिछले नगर पालिका चुनाव से ही लाडनूं में भाजपा की गुटबाजी उभर कर सामने आई और फलस्वरूप भाजपा को बुरी तरह से हारना पड़ा और म्युनिसिपल बोर्ड हाथ से गंवाना पड़ा था। अब पंचायत राज चुनाव के दौरान भी लोगों को साफ नजर आने लगा था कि भाजपा की गुटबाजी मिटेगी नहीं तो गांवों की सरकार भी हाथ से खिसक जाएगी। इस स्थिति को लेकर लाडनूं से भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने पहली बार जयपुर पहुंच कर प्रदेश नेतृत्व के समक्ष स्थिति रखी और पार्टी को एकजुट करने की मांग उनके समक्ष रखी। प्रदेश के नेताओं से मिली सलाह के बाद यहां के नेताओं ने आपसी समन्वय का रास्ता चुना। समझौता होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के लिए पंचायत राज चुनाव में विजय पताका फहराने का रास्ता साफ हो गया है।



