सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, बिना अनुमति रैली/सभा के आयोजन, संपत्तियों के विरूपण और मतदाताओं को प्रलोभन पर रहेगी कड़ी नजर- एसडीएम ममता लहुआ,
लाडनूं में पंचायत राज चुनाव को लेकर मीडियाकर्मियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक, राजनीति लोग ले रहे हैं हलके में, आचार संहिता के पालन में भेदभाव के लगे आरोप

लाडनूं (kalamkala.in)। आगामी पंचायती़ राज चुनाव को लेकर उपखंड अधिकारी ममता लहुआ की अध्यक्षता में आदर्श चुनाव संहिता की पालना को लेकर एक बैठक सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं मीडिया कर्मियों की रखी गई। इसमें उन्होंने पंचायत चुनाव सम्बंधी समस्त जानकारी दी तथा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लागू की गई आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में एसडीएम लहुआ ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और भावी अभ्यर्थियों के लिए पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता के नियमों का कड़ाई से पालना करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, बिना अनुमति रैली/सभा के आयोजन, संपत्तियों के विरूपण और मतदाताओं को प्रलोभन देने जैसी गतिविधियों पर पूर्णतया रोक रहेगी।
शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील
उपखंड मजिस्ट्रेट ममता लहुआ ने सभी राजनीतिक दलों एवं प्रतिनिधियों से चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए सहयोग मांगा गया। उन्होंने चुनाव सम्बंधी नियमों की पालना बाबत निर्देश देते हुए नामांकन प्रक्रिया, चुनाव व्यय सीमा, अनुमति प्रक्रियाओं और सोशल मीडिया गाइडलाइन्स के बारे में राजनीतिक प्रतिनिधियों को विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही उन्होंने किसी भी उम्मीदवार, नेता आदि के व्यक्तिगत व निजी जीवन पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करने, किसी विरोध के लिए किसी के निवास या कार्यस्थल पर कोई धरना-प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
मीडिया से चुनाव में सकारात्मक भूमिका की अपील
एसडीएम लहुआ ने चुनाव के दौरान मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि सभी मीडिया कर्मी चुनाव से जुड़ी खबरों के निष्पक्ष प्रसारण एवं भ्रामक खबरों/अफवाहों पर रोक लगाने में सकारात्मक भूमिका निभा कर निष्पक्ष चुनाव में सहयोग करें। बैठक के अंत में उपखंड अधिकारी ने कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन की किसी भी शिकायत पर तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने चुनाव को लेकर कंट्रोल रूम की स्थापना की जानकारी भी दी।
मात्र खानापूर्ति तक सिमट कर रह गए राजनीतिक दल
इस बैठक को लेकर यह बड़े आश्चर्य की बात देखी गई कि जिन राजनैतिक दलों को चुनाव में उतरना है, वे ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर पूरे लापरवाह बने हुए हैं। यह बैठक ठीक 11 बजे शुरू होने की सूचना सबके पास थी, लेकिन इस समय और बैठक के महत्व को अपने आचरण में रखना राजनैतिक दल भूल ही गए। बैठक के शुरू होने के बाद भी किसी पार्टी का कोई प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचने पर उन सबको उपखंड कार्यालय से वापस फोन भी किए गए। बैठक में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) की ओर से ज्ञानाराम महरिया पहुंचे। वे भी लेट आए और हद तो तब हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि 11.45 बजे और कांग्रेस के प्रतिनिधि 12.10 के बाद पहुंचे। दोनों ही दलों के प्रतिनिधि बैठक सम्पन्न होने के बाद आए और केवल रजिस्टर में उपस्थित होने की खानापूर्ति मात्र ही की। उन्हें उपखंड कार्यालय से छपी हुई चुनावी आचार संहिता की एक-एक प्रति प्रदान कर दी गई। प्रतिनिधियों की संख्या अति न्यून होने के बावजूद भी बैठक में एक साथ नहीं आने पर एसडीएम को एक समय पर निर्देशित करने के बजाय अलग-अलग निर्देश देने पड़े। तीन बार अलग अलग प्रक्रिया दोहराने से राजकीय समय व श्रम का अपव्यय हुआ। पिछले नगर पालिका चुनाव के दौरान भी आचार संहिता को लेकर इसी तरह की स्थिति देखने में आई थी।
आचार संहिता पालन को लेकर लगाए भेदभाव के आरोप
बैठक के दौरान आरएलपी के प्रतिनिधि ज्ञानाराम महरिया ने आचार संहिता की पालना में पुलिस व प्रशासन द्वारा भारी भेदभाव बरते जाने के आरोप लगाए और कहा कि पिछले नगर पालिका चुनाव के वक्त उनके सांसद के आगमन से पूर्व गांव-ढाणियों तक जाकर पुलिस ने वहां खड़े डीजे वाहनों को जब्त कर लिया था, जबकि उसके बाद अन्य पार्टियों के कार्यक्रमों में खुलेआम डीजे प्रयोग में लाए गए थे। इस पर उपखण्ड अधिकारी ममता लहुआ ने कहा कि इसके लिए निगरानी सख्त की जाएगी। आइंदा ऐसा नहीं हो पाएगा। बैठक के बाद भी आरएलपी के ज्ञानाराम महरिया ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए अपने आरोप दोहराए और पुलिस की डीजे कार्यवाहियों पर भेदभाव के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि नगर पालिका चुनाव में डीजे कार्यवाहियों को लेकर पुलिस द्वारा भेदभाव पूर्ण कार्रवाइयां की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे एमपी के समय तो डीजे जब्त किए। उन्हें कुछ देर बाद छोड़ने का कह कर ढाणियों से उठाया और बाद में सब पर जुर्माना भी वसूला गया, जबकि अन्य पार्टियों के पार्षदों के जश्न में खुलेआम सामने सड़कों पर डीजे बजे, तब कोई कार्यवाही नहीं हुई।



