सफाईकर्मियों पर सफाई के अलावा अन्य काम करने पर सख्त हुई सरकार,
सफाईकर्मी के साथ नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ भी की जाएगी कार्रवाई, जगदीश सिंह राठौड़ ने लिखा था मंत्री को पत्र
जयपुर (kalamkala.in)। स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी कर राज्य के नगरीय निकायों में कार्यरत ऐसे सफाई कर्मचारी, जो अपने मूल पद संबंधी दायित्व (सफाई कार्य) का निष्पादन नहीं कर रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके संबंधित नगरीय निकाय में उनके मूल पद (सफाई कर्मचारी) पर उपस्थिति देकर सफाई कार्य संपादित करने हेतु निर्देशित किया गया है।
सफाईकर्मी के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही
निदेशक जुईकर-प्रतीक चन्द्रशेखर के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के अनुसार यदि कोई सफाई कर्मचारी सफाई संबंधी कार्य करने से इंकार करता है अथवा अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारम्भ की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
प्रदेश के सभी नगर निकायों को चेतावनी
इस आदेश की प्रतियां प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के आयुक्तों एवं अधिशाषी अधिकारियों को भी भेजी जाकर निर्देशित किया गया है कि सफाई कर्मचारियों की क्षेत्रवार जानकारी प्रतिमाह अनिवार्य रूप से विभागीय गूगल शीट पर अपलोड की जावे एवं चेतावनी दी गई है कि पालना में शिथिलता बरते जाने पर कठोर विभागीय कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
लाडनूं की विकलांग बनाई सफाई व्यवस्था, सफाई के बजाय कर्मचारी लगाए विभिन्न दफ्तरों और घरों में, भाजपा नेता जगदीश सिंह ने लिखा स्वायत्त शासन मंत्री को पत्र
यहां यह भी गौर करने लायक है कि हाल ही में कुछ दिन पूर्व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सदस्य एडवोकेट जगदीश सिंह राठौड़ ने स्वायत शासन मंत्री जबर सिंह खर्रा को पत्र लिखकर लाडनूं नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति में पक्षपात का गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि पालिका में वाल्मीकि समाज के अलावा अन्य समाज के करीब 30 लोगों की नियुक्ति की गई, जबकि वे नियुक्त कर्मचारी किसी भी वार्ड की गलियों में सफाई कार्य नहीं कर रहे। इससे वाल्मीकि समाज के कर्मचारियों के साथ सीधा भेदभाव हो रहा है।
पत्र में बताया, शहर के बजाय लोगों के लिए निजी तौर पर लगाए गए हैं सफाईकर्मी
राठौड़ ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव और अधिकारियों की मिलीभगत से नगर पालिका के हर बाबू के अधीन एक-एक सफाई कर्मचारी लगा दिया गया है। यही स्थिति एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, विधायक निवास, पालिका अध्यक्ष निवास व स्टेडियम में भी है। उन्होंने मांग की है कि इन सभी कर्मचारियों को तुरंत हटाकर सफाई व्यवस्था में लगाया जाए। पत्र में बताया गया कि इस स्थिति के चलते वाल्मीकि समाज के कर्मचारी भी असंतोष व्यक्त कर रहे हैं और सही ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप शहर के अधिकांश वार्डों में कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां जाम पड़ी हैं और गलियों में झाड़ियां उग आई हैं। पत्र में राठौड़ ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इसका दुष्परिणाम अधिकारी व कर्मचारी स्वयं भुगतेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जब वाल्मीकि समाज ने अन्य समाज के कर्मचारियों से सफाई कार्य कराने का विरोध किया, तो क्षेत्रीय विधायक ने ऐसे चार कर्मचारियों का स्थानांतरण (एपीओ) लाडनूं से जयपुर करवा दिया। इससे कर्मचारियों में भय का माहौल है और कोई खुलकर आवाज उठाने को तैयार नहीं है। राठौड़ ने स्वायत शासन मंत्री को लिखे पत्र में न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों को किसी अन्य कार्य में नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से ऐसे कर्मचारियों को हटाया जाए और इस प्रकरण में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।







