मीडिया लिट्रेसी से मिलता है मीडिया के संतुलित प्रयोग को बढ़ावा- डॉ. यायावर, पीएम श्री विद्यालय केशरदेवी स्कूल में ‘मीडिया लिट्रेसी’ पर व्याख्यान का आयोजन

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मीडिया लिट्रेसी से मिलता है मीडिया के संतुलित प्रयोग को बढ़ावा- डॉ. यायावर,

पीएम श्री विद्यालय केशरदेवी स्कूल में ‘मीडिया लिट्रेसी’ पर व्याख्यान का आयोजन

लाडनूं (kalamkala.in)। पीएम श्री राजकीय केशर देवी सेठी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में ‘मीडिया लिटरेसी’ विषय पर प्रिंसिपल विजय सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जगदीश यायावर ने अपने व्याख्यान में बताया कि मीडिया लिट्रेसी का मतलब मीडिया के सभी रूपों में संचार को समझने, विश्लेषण करने, मूल्यांकन करने, बनाने और सक्रिय रूप से उपयोग करने की क्षमता को लेकर है। पारंपरिक पढ़ने-लिखने के साथ ही समाचारों की तह तक जाना और इसमें आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देकर सभी मीडिया संदेशों को प्रभावी ढंग से ग्रहण करने और उनके सामाजिक, मानसिक प्रभाव को समझना मीडिया साक्षरता में समाहित होता है। मीडिया लिट्रेसी के द्वारा सभी विद्यार्थी व अन्य सभी लोग विश्लेषणात्मक ढंग से विचारणा करने में सक्षम होते हैं। समाचार के लिए वे प्रभावी संचारक और जागरूक नागरिक भी बनते हैं। उन्होंने वर्तमान में समाचारों के डिजीटल और सोशल प्लेटफार्म पर त्वरित प्रसारण को लेकर गलत सूचनाओं, अफवाहों आदि से बचाव के लिए मीडिया लिट्रेसी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इससे आमजन में मीडिया के प्रति जागरूकता बढ़ती है और मीडिया के उपभोग के संतुलित प्रयोग को बढावा मिलता है। उन्होंने समाचार निर्माण और उसके प्रकाशन-प्रसारण तक की पूरी प्रक्रिया समझाते हुए उन पर पड़ने वाले प्रभावों में समाचार के मूल तक के परिवर्तन तक के बारे में बताया और मीडिया के प्रभाव को रेखांकित करते हुए उसके लिए नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी को भी आवश्यक बताया और कहा कि हर खबर के निर्माण में सामाजिक और नैतिक पहलुओं को समझना और उनका सम्मान करना आवश्यक होता है।

मीडिया लिट्रेसी को लेकर प्रतियोगिता का भी किया गया आयोजन

मीडिया लिट्रेसी को लेकर पत्रकार अबूबकर बल्खी ने भी समाचार की रचना, समाचार के अर्थ और प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए। पुरस्कृत अध्यापक व वार्ताकार शिवशंकर बोहरा ने समाचार साक्षरता को लेकर जानने योग्य तत्वों पर प्रकाश डाला। गजानंद शर्मा और सरोज बाला ने भी मीडिया लिट्रेसी को लेकर अपने विचार व्यक्त किये। मीडिया लिटरेसी गतिविधि की वार्ता-प्रभारी परमेश्वरी ने प्रारंभ में इसकी पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। कार्यक्रम में छात्राओं के समूह बनाए जाकर मीडिया लिट्रेसी में वाद-विवाद प्रतियोगिता में समाचार पत्रों की खबरों की विश्वसनीयता को लेकर पक्ष और विपक्ष ने अपने विचार रखे‌। साथ ही विभिन्न विषयों पर छात्राओं ने अपने विचार रखते हुए प्रतियोगिता में भाग लिया। इस अवसर पर रिसाइकिलिंग और यूज्ड कचरे से उपयोगी निर्माण के तहत बालिकाओं ने अपने बनाए विभिन्न मॉडल्स का प्रदर्शन भी किया। साथ ही हिंदी दिवस पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त बालिकाओं को सम्मनित भी किया गया।

इन सबकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विजयसिंह चौहान, वरिष्ठ पत्रकार जगदीश यायावर, शिक्षक दयाराम मारोठिया, निलेश पारीक, आरती पटेल, शशि शर्मा, संतोष स्वामी, पूनम वर्मा, रीना शर्मा, आलम तारा, वेदप्रकाश स्वामी, आकिब जावेद, वेदप्रकाश पारीक,सुमन बाला, प्रेम पाल गुर्जर आदि एवं सभी छात्राओं उपस्थित रहे।

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Author: kalamkala

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