पुलिस की बड़ी उपलब्धि- साइबर ठगी के अन्तर्राज्यीय जाल को तोड़ा, बैंक खाते किराए लेकर करते थे करोड़ों का ट्रांजेक्शन,
ऑपरेशन साईबर शील्ड के तहत बड़ी कार्यवाही, 84 बैंक खातों के इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क को किया बेनकाब, 24 अभियुक्त गिरफ्तार, 21 एंड्रॉयड मोबाइल जब्त, जिनसे यूपीआई, पासवर्ड और फ्रॉड ऐप्स होते थे नियंत्रित,
नागौर पुलिस का सफल ‘म्यूल बस्टिंग ऑपरेशन’ : पूरा पैन-इंडिया साइबर मनी-रूट उजागर

नागौर (kalamkala.in)। साईबर फ्रॉडर बेरोजगार युवकों, स्टुडेण्ट्स एवं मजदूरों को लालच देकर उनके बैंक के खाते किराये पर लेते हैं तथा साइबर फ्रॉड की राशि इन खातों में लेन-देन करते हैं। इस प्रकार के मामलों के विरुद्ध नागौर पुलिस ने ऑपरेशन साईबर शील्ड चला कर इस आपरेशन के तहत बड़ी कार्यवाही करते हुए 84 बैंक खातों के इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क को बेनकाब किया है। यह कदम साइबर फ्रॉड व अपराध के क्षेत्र में बहुत बड़ा माना जा रहा है। इसमें युवा 8 से 15 हजार रूपये में अपने बैंक खाते बेच रहे थे, जिसकी पूरी चैन उजागर की गई है। पुलिस ने इस प्रकरण में ऐसे 21 एंड्रॉयड मोबाइल जब्त किए हैं, जिनसे यूपीआई, पासवर्ड और फ्रॉड ऐप्स नियंत्रित किए जाते थे। नागौर जिले के इन बैंक खातों से साइबर ठगी का करोड़ों रुपयों का पैसा गुजरा और लेनदेन हुआ। यह पूरा मामला एक बैंक की रिपोर्ट से खुल कर सामने आया और पूरा पैन-इंडिया साइबर मनी-रूट उजागर हो गया। इस प्रकरण में पुलिस टीम ने 72 घंटे का ऑपरेशन चला कर गांव-स्तर तक गहन कार्रवाई की है। पुलिस इसे मात्र गिरफ्तारी नहीं, बल्कि साइबर क्राइम की ‘म्यूल सप्लाई चैन’ पर सीधी चोट मान रही है। इसमें इंटर स्टेट साइबर क्राइम के लिंक हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र, दिल्ली तक कनेक्शन मिले हैं। यह ऑपरेशन साइबर शील्ड नागौर पुलिस की सबसे बड़ी तकनीकी सफलता है। नागौर पुलिस का यह सफल ‘म्यूल बस्टिंग ऑपरेशन’ एक बड़ी उपलब्धि है। नागौर पुलिस ने लक्ष्य तय किया है कि अगले 60 दिनों में नागौर जिले को ‘साइबर म्यूल-फ्री जिला’ बना दिया जाएगा। पुलिस ने युवाओं को चेतावनी दी है कि वे अपने बैंक खाते किसी भी अन्य को उपयोग के लिए नहीं दें। ऐसा करना भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत कठोर अपराध है।
हेड कांस्टेबल की रिपोर्ट पर शुरू हुई आगे कार्रवाई, 84 खातों की मिली सूची
नागौर के जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा (आई.पी.एस.) द्वारा ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहल साईबर अपराधों की रोकथाम के लिए दिये गये निर्देशों की पालना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नागौर सुमित कुमार, त्वरित अनुसंधान प्रकोष्ठ नागौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवेन्द्र महला एवं वृताधिकारी नागौर रामप्रताप विश्नोई के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी नागौर सदर सुरेश कस्वां के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा थाना साइबर थाना के प्रकरण सं. 18/2025 धारा 318 (4), 316 (2), 61 (2) (ए), 112 (2) भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं 66 सी, 66 डी आईटी एक्ट में प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 24 म्यूल खाताधारकों को गिरफ्तार किया है, जिनसे अनुसंधान जारी है। इस सम्बन्ध में गत 13 अक्टूबर को साइबर पुलिस थाने के हेड कांस्टेबल लुकमान पुत्र अब्दुल सतार निवासी खजवाना ने एक लिखित रिपोर्ट पेश की, जिस पर पुलिस अधीक्षक नागौर के आदेशानुसार साइबर अपराध में यूको बैंक के सभी म्यूल खातों पर साईबर शिकायत पंजीबंद्ध होकर प्रथम लेयर में विभिन्न राज्यों के पीड़ितों की वैध राशि को संदिग्ध खातों में अवैध तरीके से जमा करवाई है, जो पुलिस अधीक्षक कार्यालय नागौर के पत्रांक 592 दिनांक 12-10-2025 के मय 84 खाता नम्बर की सूची मय खातेधारक दस्तावेज, जिसमें एक्नोलेजमेंट नो डिस्पुट एकाउंट से प्राप्त सूची के अनुसार यूको बैंक खाते धारक प्राप्त पुत्र बुन्दू निवासी मातामंड गली, मारवाड़ मूंडवा व अन्य 83 खाता-धारकों द्वारा साईबर शिकायतों के अनुसार इलाका थाना क्षेत्र के बैंको में अपने खाते खुलवाकर ऑनलाईन इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से दूसरे राज्यों में साईबर ठगी का अपराध कराना पाया गया है। जिस पर खाताधारकों के विरूद्ध पूर्व से साईबर शिकायतें विभिन्न राज्यों के थानों में दर्ज है। साईबर शिकायतों से यह प्रतीत होने पर कि इन सभी खाता-धारकों ने अपने खातों का उपयोग आमजन के साथ लोभ एवं लालच देकर धोखे में रख कर अपने खातों में अवैध तरीके से राशी जमा होना पाया गया है। इस रिपोर्ट पर प्रकरण सं. 18/2025 दिनांक 13.10.2025 जुर्म धारा 316 (2), 318 (4), 61 (2) (ए) BNS व 66 सी, 66 डी आईटी एक्ट के तहत पुलिस थाना साईबर नागौर में दर्ज कर, अग्रिम अनुसंधान थानाधिकारी सुरेश कस्वा को सौंपी गई।
गिरफ्तार किए गए 24 अभियुक्त
गिरफ्तार किए गए 24 अभियुक्तों में राजेश कुमार नायक पुत्र बाबूलाल नायक निवासी नेहरू कॉलोनी जोगीमगरा बड़ली, मुकेश फरड़ौदा पुत्र हरीराम फरड़ौदा जाट निवासी भाकरोद पुलिस थाना खींवसर, मोहम्मद हुसैन पुत्र लियाकत अली गाडेत मुसलमान निवासी गरीब नवाज मस्जिद के पास बासनी पुलिस थाना सदर नागौर, सुरेन्द्र हरिजन पुत्र शैतानाराम वाल्मीकि निवासी इन्द्रा कॉलोनी रोल, अर्जुन शर्मा पुत्र मूलचंद ब्राह्माण निवासी कुम्हारी पुलिस थाना सदर नागौर, दौलत पुत्र शौकत अली तेली मुसलमान निवासी नागौरी फलसा मूण्डवा, रजब अली पुत्र लियाकत अली तेली निवासी नागौरी फलसा मूण्डवा, सराफत पुत्र बुन्दू सांई गुरालगान निवासी मातामण्ड मूण्डवा, सुभाष पुत्र जैनाराम भार्गव उम्र निवासी पोकण्डी के पास मूण्डवा, सईद खां पुत्र स्वर्गीय आसीन खां कायमखानी निवासी सोढों की ढाणिया सारणवास, अनोपचंद रैगर पुत्र स्वर्गीय पुरखाराम रैगर निवासी रैगरों का मौहल्ला बड़ी खाटू, मुकेश पुत्र ओमप्रकाश रैगर निवासी रैगरों का मौहल्ला बड़ली, मकबूल पुत्र अकबर मिरासी निवासी कलनी कुमारान पुलिस थाना थांवला, सोहिल पुत्र मौहम्मद शरीफ मिरासी निवासी आलनियावास पुलिस थाना थांवला, महादेवराम पुत्र प्रह्लादराम जाट निवासी जाखड़ों का बास शीलगांव पुलिस थाना भावण्डा, अरूण पुत्र किशनलाल वाल्मीकि निवासी हरीजन बस्ती नकाश गेट नागौर, मौहम्मद रासिद पुत्र जफर आलम मुल्तानी मुसलमान निवासी दलवालों का मौहल्ला तौप चौक लुहारपुरा नागौर, गोरधन पुत्र लिखमाराम मेघवाल निवासी बलाया पुलिस थाना मूण्डवा, आबिद पुत्र स्वर्गीय गेदू खां कायमखानी निवासी मदरसे के पास सोढों की ढाणियां सारणवास पुलिस थाना सदर नागौर, बरकत अली पुत्र गुलाबजी तेली निवासी विक्की कॉलोनी पुलिस थाना मूण्डवा, रविकुमार पुत्र भगवानाराम रैगर निवासी बड़ी खाटू, रसीद पुत्र गेन्दू खां तेली निवासी हिलोडी पुलिस थाना भावण्डा, सुंदरसिंह पुत्र शेरसिंह राजपूत निवासी ग्वालू पुलिस थाना कुचेरा, पवन प्रजापत पुत्र धर्माराम प्रजापत निवासी भडाणा पुलिस थाना मूण्डवा शामिल हैं। इन सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ व अनुसंधान जारी है।






