लाडनूं में बोलेरो सहित जले व्यक्ति के मामले में चल रहा धरना हटा, शव का पोस्टमार्टम हुआ, पांच दिनों में खुलासा करेगी पुलिस,
रताऊ-सींवा मार्ग पर बोलेरो की आग में बुरी तरह जला मालिक, पीछे का दरवाजा खुला होने, शव दो सीटों के बीच होने आदि अनेक संदिग्ध स्थितियां आई सामने, हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू


लाडनूं (kalamkala.in)। पूरे इलाके को झकझोर देने वाले तहसील के रताऊ-सींवा मार्ग पर हुए हृदयविदारक हादसे में बोलेरो गाड़ी में लगी आग से जहां गाड़ी के साथ उसके अंदर चालक की मौत भी जलने हो जाने के मामले ने अब दूसरा मोड़ लेते हुए यह हत्या का सनसनीखेज मामला बन चुका है। इस हादसे ने विभिन्न संदेहों के कारण मामला हत्या के बाद उसके शव को जलाने की बातें सामने आने लगी हैं। इसे लेकर यहां अस्पताल परिसर मेें धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसे बुधवार रात को एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा ने धरनास्थल पर पहुंच कर वार्ता के बाद 5 दिनों में हत्या के मामले को सुलझाने का भरोसा दिलाने के बाद धरना समाप्त करवाया। पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच करने में जुटी हुई है।
हत्या कर शव को गाड़ी सहित जरिए जाने की संभावना
इस मामले में घटनास्थल की परिस्थितियों और जले शव की स्थिति ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की आशंका को और गहरा कर दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक जेठाराम के पास 8 लाख रुपए थे। इस संबंध में मृतक जेठाराम जाट के भतीजे जगदेव राम पुत्र रामदेवराम बिड़ियासर निवासी रताऊ ने पुलिस थाना निम्बी जोधां में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके अनुसार 30 दिसम्बर को अपराह्न करीब 3.45 बजे जेठाराम पुत्र लिखमाराम बिड़ियासर (45) निवासी रताऊ अपनी बोलेरो गाड़ी लेकर रताऊ गांव से डीडवाना की ओर रवाना हुए थे। देर रात तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। इसी दौरान ग्रामीणों से सूचना मिली कि रताऊ से सींवा जाने वाले मार्ग पर एक गाड़ी जल रही है और उसके भीतर एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को अवगत कराया। कार की नंबर प्लेट के आधार पर वाहन की पहचान जेठाराम की गाड़ी के रूप में हुई। पुलिस भी वहां मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों के अनुसार इस जली हुई गाड़ी की आगे की दोनों सीटों के बीच शव पड़ा हुआ था, सिर का हिस्सा गियर के पास टिका हुआ मिला और बीच का दरवाजा खुला हुआ था, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। घटनास्थल सींवा-रताऊ मार्ग पर ऊंचाई वाले स्थान पर है, जहां से गाड़ी करीब 25 फीट पीछे रिवर्स होकर बाड़ से टकराई हुई मिली और वहीं पूरी तरह जल गई। गाड़ी का आगे का इंजन का हिस्सा अपेक्षाकृत सुरक्षित बताया जा रहा है, जबकि चारों टायर और बॉडी पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस ने जली हुई गाड़ी से अधजले शव के अवशेष एकत्र कर कट्टे में रखे। आग से हाथ-पैर की उंगलियां अलग हो चुकी थीं। शव के अवशेषों को लाडनूं राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। परिजनों ने अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जेठाराम की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से बोलेरो सहित जलाने की आशंका जताई है। इस मामले में मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों ने हत्या करने के बाद जलाने व साक्ष्य नष्ट करने के आरोप लगाते हुए हत्यारों को गिरफ्तार किए जाने तक शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया था तथा अस्पताल में ही धरना लगाना शुरू कर दिया, जिसे अब समाप्त किया जा चुका है।
एडिशनल एसपी ने दिया पांच दिनों का भरोसा
बुधवार सुबह से ही लाडनूं के सरकारी अस्पताल परिसर स्थित मोर्चरी बड़ी संख्या में ग्रामीण लाडनूं अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाकलिया गांव के ओमप्रकाश सारण हत्याकांड का मामला भी पुलिस ने दर्ज किया था, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उसका खुलासा नहीं हो पाया। इसी कारण ग्रामीणों ने इस मामले का खुलासा पहले करने की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उनकी मांग रही कि अपराधियों को पकड़ा नहीं जाने तक पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा। दिनभर पुलिस व ग्रामीणों के बीच समझाइश का दौर चलता रहा, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में हर एंगल से जांच की जा रही है और शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जाएगा। इसमें मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है, हालांकि फिलहाल कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। लोगों ने पुलिस को बताया कि पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड का गठन कर किया जाना चाहिए। मृतक का डीएनए टेस्ट होना चाहिए। उसके मिसरा की रिपोर्ट की विस्तृत जांच करवाई जानी चाहिए। माबाईल काॅल डिटेल्स, आखिरी काॅल, फोन लोकेशन व डीडवाना से सींवा-रताऊ की तरफ लगे सभी सीसीटीवी फुटेज के बारे में उसकी जानकारी परिवार के सदस्यों को भी दी जानी चाहिए। इससे पुलिस सहमत भी हुई, लेकिन धरना लगा रहे लोगों ने न्याय की मांग पर अड़े रह कर तब तक बॉडी का पोस्टमार्टम नहीं करवाने की मांग पर अड़े रहे।
इन लोगों ने की पुलिस के साथ बातचीत
पुलिस अधिकारियों ने धरनार्थियों से समझाईश और वार्ता भी की, जिसमें पंचायत समिति लाडनूं के पूर्व प्रधान हनुमानराम कासनियां, रताऊ के पूर्व सरपंच श्रीरामा राम साख, युवा नेता विकास बुरड़क, सुरजाराम भाकर, पंचायत समिति सदस्य श्रीराम खीचड़, किसान सभा के अध्यक्ष भंवरलाल सारण, मदनलाल बेरा, गोविंद मंडा सहित अनेक लोग मौजूद रहे। दोपहर बाद भाजपा नेता करणी सिंह भी धरना स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बातचीत की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शीघ्र खुलासा करने की मांग की। पुलिस उप अधीक्षक जितेन्द्र चारण एवं थानाधिकारी शिम्भुदयाल मीणा ने उन्हें बताया कि पुलिस गहन जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम होने से ही जांच में मदद मिल पाएगी, इसलिए सभी इसमेे सहयोग करें। पुलिस ने इस मामले को संदिग्ध हत्या का मानते हुए दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है। शाम बाद एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा ने मौके पर धरनार्थियों के बीच पहुंच कर उनसे समझाइश की। उन्होंने धरनार्थियों को आश्वस्त किया कि आगामी पांच दिनों में प्रकरण में सफलता प्राप्त कर लिया जाएगा। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम किया जाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।







