लाडनूं में चल रही है गणगौर महोत्सव की 16 दिवसीय पूजा में विभिन्न वैवाहिक रस्मों की अदायगी,
मालियों का बास में हुई गौर माता की हल्दी की रस्म, लग्न की प्रक्रिया की पूरी


लाडनूं (kalamkala.in)। गणगौर के 16 दिवसीय पूजन के पारम्परिक लोकपर्व पर महिलाओं और कन्याओं में विशेष उत्साह बना हुआ है। घर-घर में गणगौर की प्रतिमाओं के नियमित पूजन के साथ ही उनकी समस्त वैवाहिक रस्मों को भी पूरा किया जा रहा है। सोमवार को यहां मालियों के बास में गणगौर महोत्सव में लग्न की प्रक्रिया धार्मिक विधि-विधान से पूरी की गई। इससे पूर्व बिन्दौली निकाले जाने की प्रक्रिया भी की गई थी। महिलाओं द्वारा घुड़ला भी घुमाया जा रहा है। लग्न के अवसर पर महिलाओं ने एकत्र होकर मंगल गीत गाए, हल्दी की रस्म व पीले हाथ करने की रीति को पूरा किया गया। यह कार्यक्रम मालियों का बास में श्यामसुंदर पंवार के निवास पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सुमन पंवार, पार्षद सुमित्रा आर्य, बसंती तंवर, सपना पंवार, पूजा पंवार, सावित्री गहलोत, किरण चौधरी, संतोष यादव, कांता गहलोत, पूनम आर्य, सुनीता आर्य, पूनम गहलोत, किरण चौधरी, संजू पंवार, बबिता पंवार आदि उपस्थित रहीं।







