गिरवी रखे गहनों को विश्वासघात पूर्वक खुर्द-बुर्द कर अमानत में ख़यानत का मामला दर्ज, ब्याज समेत रुपए चुकाने पर भी गहनों को देने से की आनाकानी और फिर किया इंकार 

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गिरवी रखे गहनों को विश्वासघात पूर्वक खुर्द-बुर्द कर अमानत में ख़यानत का मामला दर्ज,

ब्याज समेत रुपए चुकाने पर भी गहनों को देने से की आनाकानी और फिर किया इंकार 

लाडनूं (kalamkala.in)। गिरवी रखे गहनों को विश्वासघात पूर्वक खुर्द-बुर्द करके अमानत में ख़यानत करने का एक मामला निम्बी जोधां पुलिस ने दर्ज किया है और उसकी जांच शुरू की है। न्यायालय के आदेशानुसार दर्ज इस प्रकरण को रामी देवी
सांसी पत्नी स्व. फूलचन्द निवासी गैनाणा ने अभियुक्त सुण्डाराम सांसी पुत्र नियाराम निवासी जालसु कलां तहसील डेगाना के विरुद्ध धारा 316 (2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत करवाया है।

भाई की बीमारी और भतीजों की शादी के लिए पड़ी रुपयों की जरूरत

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब 2 साल पूर्व 2024 में उसके भाई स्व. सजनाराम की तबियत खराब होने और आर्थिक स्थिति काफी खराब होने से उसकी भाभी रतनी पत्नी स्व. सजनाराम जाति सांसी निवासी सुनारी तहसील लाडनूं को कुछ रूपयों की जरूरत पड़ी, तो रतनी ने कहा कि मेरे बच्चे गणपत व अनिल की शादी के लिए सोने व चांदी के जेवरात 30 ग्राम की टुसी- 2 व चांदी की कड़ी-2 वजन 523 ग्राम 370 मिलीग्राम, आंवला चांदी का वजन 225 ग्राम 670 मिलीग्राम, कंदौरा चांदी का वजन 265 ग्राम 800 मिलीग्राम, आंवला चांदी वजन 250 ग्राम, कुल चांदी वजन 1264 ग्राम 840 मिलीग्राम, जो घर में रखी हुई थी, उसको गिरवी रखकर इलाज के वास्ते रूपयों की व्यवस्था करने का बोला।

लिखा-पढ़ी करके आभूषण गिरवी रख कर लिए रुपए उधार

इस पर उसने अपनी बेटी रूकमा निवासी कुचेरा से बात की त्तो उन्होंने सुण्डाराम पुत्र नियाराम सांसी निवासी जालसू कलां तहसील डेगाना से बात की तो 28 मार्च 2024 को सुण्डाराम गैनाणा तहसील लाडनूं में आया और बताया कि पैसे तो आपको दे सकता हूं, लेकिन आपको विश्वास पेटे कुछ गिरवी रखना पड़ेगा, तो उसने और हंसराज ने उपरोक्त जेवरात आरोपी सुण्डाराम के पास गिरवी दे दिये तथा उसके और सुण्डाराम के बीच रूबरू मौतबिरान तय हुआ कि आरोपी सुण्डाराम उसको 2 लाख रूपये देगा, जिसका 3 रूपये प्रति सैंकड़ा ब्याज होगा। इसके बाद सुण्डाराम 1 लाख रूपए नगद और 1 लाख रूपये ऑनलाइन फोन पे के जरिये दिए। यह रकम मय ब्याज सुण्डाराम को वापस देने पर वह सारी रकमें सोने-चांदी के आभूषण रामी देवी को लौटा देगा। आरोपी सुण्डाराम ने रामी देवी को यह विश्वास दिला कर आश्वासन देकर वायदा किया था कि वह उनका जाति-समाज का व्यक्ति है, इन रकमों के साथ ना तो कोई छेड़खानी करेगा तथा ना ही किसी अन्य व्यक्ति को बेचाण करेगा। जब भी रामी देवी को ब्याव-शादी में जरूरत होने पर गहने लौटा देगा और इस लेनदेन का हिसाब-किताब करवा देगा। इस सम्बंध में आरोपी सुण्डाराम ने अपने हस्ताक्षरसुदा रसीद रामीदेवी को दी। इसमें रकम और आभूषण का विवरण लिखा हुआ है।

भतीजों की शादी के मौके पर किया आभूषणों को लौटाने से इन्कार

इसी दौरान इलाज रत सजनाराम का देहांत 2 दिसम्बर 2024 को हो गया, जिससे उसकी भाभी रतनी के पुत्रों की शादी 2025 के बाद 22 मार्च 2026 को तय की गई। शादी करीब होने से रतनी देवी ने उससे सुण्डाराम से लिये गये रूपये 2 लाख रूपये मय ब्याज लौटा कर सुण्डाराम से गिरवी रखे गहनों की मांग की, तो उसने लगातार सुण्डाराम से फोन से सम्पर्क करने पर सुण्डाराम लगातार बहाने लेता रहा, कभी घर से बाहर होना बता रहा था, कभी आभूषण बैंक में पड़े है, लेकर आऊंगा बता रहा था, जो लगातार झूठे बहाने ले रहा था। इसके बाद 10 फरवरी को उसके परिजन रतनी देवी, पवन, सोनू आदि आरोपी की डेगाना मार्केट में स्थित मोची की दुकान पर जाकर आरोपी से गहने लौटाने की बात की, तो आरोपी सुण्डाराम ने इन सभी गिरवी रखे गहनों को किसी अन्य व्यक्ति को बेचना बताया और कहा कि अब उसके पास कोई गहने नहीं है, उसने गहने गला दिये हैं। इस प्रकार आरोपी सुण्डाराम ने रामी द्वारा रखे गये गहनों को विश्वासघात करते हुये और आभूषणों की वर्तमान समय में कीमत बढ़ जाने कारण लोभ-लालच की लिप्सा रखते हुये हड़प करना चाह रखा है। रामी के भतीजों कि शादी तय होने के बावजूद आरोपी ने गहनों को खुर्द-बुर्द करके उसे भारी नुकसान लगभग 8 लाख रूपये का पहुंचाया है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल मुलाराम कर रहे हैं।

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Author: kalamkala

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