अनूठा विरोधः खून देकर जताया अपना विरोध, प्रशासन से की समस्याओं के समाधान की मांग, छोटी खाटू के युवाओं का अस्पताल सुविधाओं के लिए 130 यूनिट रक्तदान करके पहुंचाई प्रशासन तक अपनी आवाज

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अनूठा विरोधः

खून देकर जताया अपना विरोध, प्रशासन से की समस्याओं के समाधान की मांग,

छोटी खाटू के युवाओं का अस्पताल सुविधाओं के लिए 130 यूनिट रक्तदान करके पहुंचाई प्रशासन तक अपनी आवाज

रामस्वरूप पंवार, पत्रकार। डीडवाना (kalamkala.in)। समस्याओं के समाधान के लिए सरकार व प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का एक सकारात्मक तरीका सामने आया है, जो गांधीवादी आंदोलनों से भी बेहतरीन तरीका कहा जा सकता है। छोटी खाटू के सर्व समाज के युवाओं ने वहां के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी और एम्बुलेंस व्यवस्था शुरू करवाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकारी अस्पताल में ही रक्तदान कार्यक्रम रख कर उसमें स्वैच्छिक रक्तदान करके युवाओं ने सुविधाओं की कमी पर अपना विरोध जताया। विधानसभा प्रत्याशी रहे वीरेंद्र सैनी के समस्या निवारण के लिए खून देने के आह्वान पर यह आयोजन किया गया और लोगों ने बढ़-चढ़ कर अपना 130 यूनिट खून ब्लड बैंक के लिए दिया।

इन सब समस्याओं से जूझ रहा है छोटी खाटू का अस्पताल, परेशान हैं ग्रामीण

छोटी खाटू के राजकीय चिकित्सालय (सेठ हजारीमल भंवरलाल नवल राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र) में मौजूद विभिन्न कमियों की ओर अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन समेत राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। लगभग 20 हजार की आबादी वाले इस कस्बे के साथ-साथ आसपास के 50 से अधिक गांव भी इसी अस्पताल पर निर्भर हैं, लेकिन यहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इन युवाओं की मांगों में सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज मिले और डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जाए, अस्पताल को तहसील स्तर की समस्त सुविधाएं उपलब्ध हों आदि शामिल हैं। छोटी खाटू का राजकीय अस्पताल लंबे समय से चिकित्सकों और अन्य संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल में 12 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 2 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इनमें एक शिशु रोग विशेषज्ञ और एक मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं। इसी तरह, नर्सिंग और सपोर्टिंग स्टाफ के 33 पदों में से 8 पद रिक्त पड़े हैं। अस्पताल की खराब स्थिति के कारण आपातकालीन परिस्थितियों, जैसे गर्भवती महिलाओं या सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में मरीजों को तुरंत रैफर करना पड़ता है। गंभीर बात यह है कि रैफर करने के लिए यहां सरकारी एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में मॉर्च्यूरी (शवगृह) की सुविधा तक नहीं है। किसी भी आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में शव को 40 किलोमीटर दूर डीडवाना के राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल या नागौर जिले के बड़ी खाटू अस्पताल भेजना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इन सभी समस्याओं को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन और सरकार को अवगत कराया और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन भी अनेक बार किए, लेकिन अभु तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हकी गई।

सुविधाओं की मांग को लेकर दिया हमने अपना खून

अस्पताल में सभी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर बड़ी संख्या में युवाओं ने सरकार और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपना सकारात्मक कदम उठाते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में छोटी खाटू ही नहीं, बल्कि आस पास के गांवों के युवाओं ने भी भाग लिया और अपना खून देकर मांग को जिंदा किया।इस जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी युवाओं का सहयोग रहा और कुल 130 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस दौरान युवाओं ने ‘सरकार और प्रशासन हमारा खून ले लें, लेकिन अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार जरूर करें’ का संदेश दिया। इस प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर स्थिति को उजागर किया। युवाओं का मानना है कि उनका यह विरोध पूरी तरह लोकतांत्रिक है। यह रक्तदान केवल एक सेवा ही नहीं है, बल्कि सरकार को समझाने का एक संदेश भी है कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार अब बेहद आवश्यक हो चुका है।

वीरेंद्र सैनी के आह्वान पर हुए सभी गांवों के लोग रक्तदान के लिए तैयार

‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें डॉक्टर दूंगा’ के आह्वान के साथ छोटी खाटू में यह एक अनोखा रक्तदान आंदोलन सम्पन्न हुआ, जिसमें 50 गांवों की हुंकार शामिल रहीं। इस प्रकार विधानसभा क्षेत्र डीडवाना के प्रत्याशी रहे वीरेंद्र सैनी के संयोजकत्व एवं नेतृत्व में यह आयोजन केवल एक विरोध तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज सेवा और जनहित का एक सशक्त उदाहरण भी बन गया। जरूरतमंद पीड़ितों के लिए यह संग्रहित रक्त जान बचाने का काम करेगा। छोटी खाटू के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी, संसाधनों का अभाव और मूलभूत सुविधाओं की कमी एवं स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान रहे हैं। इस आंदोलन के तहत ग्रामीणों ने अपना रक्तदान करके प्रशासन को यह संदेश दिया कि जब जनता अपना खून देने के लिए तैयार है, तो सरकार को भी क्षेत्र में पर्याप्त डॉक्टर और सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। इस कार्यक्रम में छोटी खाटू के साथ-साथ किशनपुरा, शेरानी आबाद, पावा, बड़ी खाटू, इंद्रपुरा सहित अन्य गांवों के लोगों ने सहयोग किया और भाग लिया। सैनी समाज छोटी खाटू की अगुवाई में हुए इस रक्तदान शिविर में अतिथियों के रूप में रामकिशोर सैनी, भंवर लाल सैनी जादम आदि उपस्थित रहे।शिविर के सभी रक्तदाताओं को चेयरमैन रणवीर सिंह राठौड़ द्वारा प्रमाण पत्र भी वितरित किए गये। शिविर में बांगड़ ब्लड बैंक डीडवाना से आई टीम के डॉक्टर मोहम्मद सफी, महेश कुमार, असगर अली और आरइएलआइएफ बी सेन्टर से डॉ. रोहित कुमार शर्मा, डॉ. कपिल दाधीच, डॉ. राजेश यादव, डॉ. मनीषा आदि मौजूद रहे और रक्त संग्रहण का कार्य किया।

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Author: kalamkala

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