जिस देवता की पूजा करो, उसके गुणों को भी अंगीकार करें- रामस्नेही सन्त अमृतरामजी महाराज, ग्वालिया बालाजी मंदिर में 15 अप्रेल को लगेगा रक्तदान शिविर एवं भंडारा होगा

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

जिस देवता की पूजा करो, उसके गुणों को भी अंगीकार करें- रामस्नेही सन्त अमृतरामजी महाराज,

ग्वालिया बालाजी मंदिर में 15 अप्रेल को लगेगा रक्तदान शिविर एवं भंडारा होगा

लाडनूं (kalamkala.in)। क्षेत्र के प्रसिद्ध ग्वालिया बालाजी मंदिर में चल रही रामकथा वाचन में सोमवार को रामस्नेही सन्त अमृत रामजी ने कहा कि, व्यक्ति जिस किसी देवता की उपासना करता है, तो उसमें उस देवता का गुण आना चाहिए। हनुमान जी के चरित्र में अनेक गुण है, किंतु उनका सबसे बड़ा सद्गुण सेवा का है। सेवक की दृष्टि सदैव स्वामी के चरण पर रहती है, हनुमान जी को सदैव भगवान राम के चरणों के पास ही हम देखते हैं। इसका अभिप्राय स्वामी का पता नहीं कब कोई कार्य आ जाए, तो तुरन्त खडे़ होकर वह कार्य कर सके। इसलिए चरणों के पास हनुमान जी बैठे रहते थे। उन्होने कहा कि राम प्रभु ने हनुमान के लिए कहा कि तुम भरत के समान मेरे भाई हो (तुम मम प्रिय भरत सम भाई)। हनुमान जी के विग्रह में हाथ में माला नहीं है, गदा है। दूसरे हाथ में पर्वत है। ये दोनों मुद्रा पुरुषार्थ की प्रतीक है। उनके चरित्र में किसी प्रकार का कोई दाग नहीं था। चरित्र ही उनके जीवन में सबसे बड़ा बल था। राम, धर्म और राष्ट्र इन तीनों के लिए हनुमान जी में समर्पण था। हनुमान जी अतुलित बल के धाम, ज्ञानियों में अग्रगण्य, स्वर्णिम काया के धनी हैं।राम काज के लिए हनुमान जी का अवतार हुआ था। हनुमान जी रामजी की सेना के बन्दर मात्र नहीं थे।

नारी धर्म और अनुसूइया की कथा सुनाई

सोमवार को कथा में अनूसूया के द्वारा दिव्य वस्त्र प्रदान करना और नारी धर्म की शिक्षा खुद सीता को देना के चरित्र के बारे में बताया गया। पंचवटी में राम-सीता, लक्ष्मण&राम संवाद, शबरी को नवधा भक्ति के बारे में सुन्दर चर्चा हुई। लाडनूं के लक्ष्मीपत सोनी ने इस दौरान एक सुंदर भजन सुनाकर सभी श्रोताओंको मंत्रमुग्ध किया। कथा के अंत में रामकथा समिति के सभी सदस्य तथा सैकड़ों श्रोताओं ने व्यास-पूजन किया तथा प्रसाद वितरण किया गया। कथा के कार्यक्रम में ही 15 अप्रैल को भण्डारा एक एवं रक्दान शिविर का आयोजन किया जाएगा।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

लाडनूं के दताऊ गांव में गुवाड़ में फैला गंदा पानी बना परेशानियों का सबब, बिगड़े हालात से ग्रामीणों में आक्रोश, बनवाना था नाला और खाई खोद कर छोड़ दी, लोगों की दिक्कतें बढी, नाला चढा भ्रष्टाचार की भेंट

शहर चुनें

Follow Us Now