डॉ. अम्बेडकर ने देखा था हिन्दू समाज के समरस, एकरस, संगठित स्वरूप का स्वप्न- संजय कुमार सोनी, लाडनूं में बाबा साहेब की जयंती पर सामाजिक समरसता की विचार गोष्ठी आयोजित

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डॉ. अम्बेडकर ने देखा था हिन्दू समाज के समरस, एकरस, संगठित स्वरूप का स्वप्न- संजय कुमार सोनी,

लाडनूं में बाबा साहेब की जयंती पर सामाजिक समरसता की विचार गोष्ठी आयोजित

लाडनूं (kalamkala.in)। सामाजिक समरसता मंच लाडनूं के तत्वावधान में स्थानीय चारभुजा भवन में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लाडनूं के खण्ड संघचालक बजरंग लाल यादव, मुख्य अतिथि दीपचंद परिहार, मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागौर विभाग कार्यवाह संजय कुमार सोनी मंचस्थ रहे।

सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्य पालन को किया पंच परिवर्तन में सम्मिलित

मुख्य वक्ता संजय कुमार सोनी ने विचार गोष्ठी में अपने सम्बोधन में कहा कि संघर्ष जितना कठिन होगा, सफलता उतनी ही महान होती है। बाबा साहेब ने बचपन से ही संघर्ष किया। समाज में व्याप्त कुरीतियों, विषमताओं को दूर करने के, हिन्दू समाज को समरस, एकरस, संगठित स्वरूप में देखने का स्वप्न अम्बेडकर ने जो बचपन में देखा था, अपना पूरा जीवन उस स्वप्न को साकार करने में लगा दिया। भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों को एक सूत्र में पिरोकर भारत के संविधान में समाहित कर दिया। आज भारतीय संस्कृति के अनुरूप संविधान सम्मत समान जीवन जीने का अधिकार बाबा साहेब की देन है। संघ शताब्दी वर्ष पर बाबा साहेब के विचार सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य का पालन को पंच परिवर्तन में सम्मिलित कर शताब्दी वर्ष पर कार्य कर रहा है।

धर्म पर चले बिना जीवन की कोई सार्थकता नही

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि दीपचंद परिहार ने कहा कि सुख का मूल आधार धर्म ही है। बिना धर्म पर चले जीवन सार्थक नही है। धर्म ही मोक्ष का आधार है। आज अत्यंत गौरव का विषय है जो हम सभी समाजों के प्रबुद्धजन बाबा साहेब के स्वप्नों को साकार एवं गति देने के लिये जयंती पर्व मना रहे है। गोष्ठी में एकात्मकता का एक गीत भी प्रस्तुत किया गया। विचार गोष्ठी का समापन एकता मंत्र ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ के सामुहिक उच्चारण के साथ किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ भारत माता एवं बाबा साहेब के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इन सबकी रही उपस्थिति 

विचार गोष्ठी में कैलाश बीरड़ा, रामनिवास पुरी, नरेंद्र भोजक, सोहनलाल परिहार, राजूदान चारण, एडवोकेट ईश्वर मेघवाल, नोरतनमल रैगर, निर्मल आर्य, सुरेश खींची, जगदीश यायावर, मोहनसिंह चौहान, राजेश भोजक, चतरसिंह, रामसिंह रैगर, जसकरण सूर्या, पूर्व पार्षद छोटाराम, गंगाराम रैगर, ताराचंद सांगेला आदि सहित सभी समाजों के प्रबुद्धजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन खंड प्रचार प्रमुख विवेक यादव ने किया।

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Author: kalamkala

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