शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के संवेदनशीलता के निर्णयों से शिक्षकों में छायी खुशी
लाडनूं (kalamkala.in)। हाल ही में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा शिक्षक संगठनों के साथ वार्ता में ग्रीष्मकालीन अवकाश को 28 जून तक बढ़ाने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के लिए मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर बात करने तथा प्रधानाचार्य द्वारा एक शैक्षिक सत्र में दो स्थानीय अवकाशों को बहाल कर जारी रखने सहित आधा दर्जन मांगों पर शिक्षकों की भावना के अनुरूप सैद्धांतिक सहमति से राज्य के शिक्षकों, अभिभावकों तथा आमजन में खुशी की लहर दौड़ गई है। अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ लाडनूं के अध्यक्ष एवं शिक्षक नेता जगदीश प्रसाद घिंटाला ने भी सरकार के निर्णयों पर खुशी जताई है और साथ ही आगामी 29 मई तक आदेश जारी किए जाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि शिक्षक संगठनों द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक बढाये जाने की मांग पिछले एक-डेढ माह से जारी थी और विभिन्न स्तरों पर आंदोलन भी चलाये गये थे और आगामी 29 मई से पूरे राज्य में विस्तृत रूप से आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। ऐसे में शिक्षा मंत्री की संवेदनशीलता से ‘नौ तपा’ के चलते भयंकर गर्मी लू और ताप घात एवं जनगणना जैसे राष्ट्रीय काम के अंतर्गत मकान गणना का कार्य शिक्षक कर रहे हैं, तो शिक्षा मंत्री व राजस्थान सरकार सहित केंद्र सरकार से भी फिर से अनुरोध है कि एक जून से शिक्षक तबादलों से भी रोक हटाकर शिक्षकों को राहत प्रदान करावें। गौरतलब है कि भजन लाल सरकार को बने ढ़ाई साल का समय बीत गया है और शिक्षक तबादलों, विभागीय पदोन्नति तथा प्रधानाचार्य व उप प्राचार्य हजारों की तादाद में काउंसलिंग की राह देख रहे हैं। जिसके कारण सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों व पदस्थ शिक्षकों का समायोजन डगमगा जाने से कहीं कहीं तो आवश्यकता से ज्यादा और कुछ स्कूलों में नाम मात्र के ही सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तीन से पांच-सात की संख्या में ही शिक्षक कार्यरत हैं। इससे मीडिल और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की ख़राब हालात से सरकारी स्कूलों में नामांकन भी घट रहा है और अभिभावकों व जनता द्वारा अपने बच्चों का नवीन प्रवेश भी सरकारी स्कूलों में नहीं करवाया जा रहा है।





