बच्चों में सत्य, अहिंसा, ईमानदारी, अनुशासन और नैतिकता के संस्कार विकसित करने जरूरी- मुनिश्री कमल कुमार,
लाडनूं की केसरदेवी स्कूल में समर कैंप के समापन पर दिया अणुव्रतों को आचरण में उतारने का संदेश

लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय श्रीमती केसर देवी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे समर कैंप का समापन समारोह तपोमूर्ति सौत मुनिश्री कमल कुमार एवं मुनिश्री जितेंद्र कुमार के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुनिश्री कमल कुमार ने कहा कि अणुव्रत केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों के क्षरण और बढ़ती सामाजिक चुनौतियों के बीच अणुव्रत के सिद्धांत मानवता को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि बचपन से ही बच्चों में सत्य, अहिंसा, ईमानदारी, अनुशासन और नैतिकता के संस्कार विकसित किए जाएं तो वे न केवल अच्छे विद्यार्थी बनेंगे, बल्कि आदर्श नागरिक भी बनेंगे। मुनिश्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता केवल अंकों से नहीं मापी जाती, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, व्यवहार और मानवीय मूल्यों से उसकी वास्तविक पहचान बनती है। उन्होंने जीवन में संयम, आत्मानुशासन और सकारात्मक चिंतन को अपनाने का आह्वान किया। मुनिश्री जितेंद्र कुमार ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन को सार्थक और समाजोपयोगी बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने, नशामुक्त जीवन अपनाने तथा डिजिटल युग में विवेकपूर्ण आचरण रखने की प्रेरणा दी। समारोह में उपस्थित शांतिलाल बैद व शिवशंकर बोहरा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए अणुव्रत आंदोलन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर राजेश नाहटा, आलोक कोठारी, प्रेम कुमार बैगवानी, प्रधानाचार्य विजय सिंह, प्राध्यापक श्रीमती आरती पटेल, श्रीमती पूनम, दयाराम मारोठिया आदि मौजूद रहे। समर कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी गतिविधियों में भाग लिया। समापन अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं व्यक्त की गईं। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावकगण, अणुव्रत समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह का वातावरण आध्यात्मिक, प्रेरणादायी एवं संस्कारमय रहा। अंत में मंगलपाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समर कैंप के समापन समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों के अलावा नगर के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।






