फलोदी जिले से आकर तीन युवकों ने लाडनूं से किया लड़की का अपहरण,
अपहरण के बाद बालोतरा ले जाकर रचाया नाबालिग लड़की के साथ शादी का नाटक, किया दुष्कर्म
लाडनूं (kalamkala.in)। फलोदी जिले के तीन युवकों ने यहां एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर अपनी गाड़ी में बैठा कर बालोतरा ले गए और जबरन उसके साथ विवाह के दस्तावेज तैयार कर प्रमाणित करवाए। इसके बाद एक अपहर्ता रावल लुहार ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बारे में पुलिस थाना लाडनूं में धारा 137 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपहृत लड़की के पिता ने इसकी रिपोर्ट पुलिस को देकर अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण, जबरन ले जाकर फर्जी विवाह व बलात्कार करने तथा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नोटरी द्वारा अवैध रूप से प्रमाणीकरण करवाने के साथ पुत्री के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने के संबंध में दी है।
दर्ज की गई है यह रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि उसकी पुत्री नाबालिग है, जिसकी आयु विद्यालय की टी.सी. एवं अन्य शैक्षणिक अभिलेखों से अभी मात्र 17 वर्ष स्पष्ट है। गत 26 जुलाई को दोपहर के समय उसकी पुत्री को रावल लोहार, जाकिर मुसलमान व कुम्भा राम भील सभी निवासी गांव देचू जिला फलोदी राजस्थान ने वाहन संख्या आरजे 19 सीई 9435 में जबरन बैठाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध उसका अपहरण कर लिया तथा उसे बालोतरा ले गए। आरोपियों ने उसकी नाबालिग पुत्री को डरा-धमकाकर, भयभीत कर एवं उसकी स्वतंत्र इच्छा के विरुद्ध कथित विवाह से संबंधित कागजात पर हस्ताक्षर करवाए। इसके लिए उन्होंने फर्जी एवं कूटरचित विवाह दस्तावेज एवं स्टाम्प तैयार किए।आरोपी रावल लोहार ने अपने साथी जाकिर मुसलमान एवं अन्य सहआरोपियों की सहायता से तथा पूर्व नियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत यह सब किया तथा बाद में इस फर्जी विवाह का बहाना बनाकर उसकी नाबालिग पुत्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध बल पूर्वक उसका यौन शोषण किया। इस सम्पूर्ण कार्य में अन्य सहआरोपियों ने सक्रिय सहयोग किया। बाद में इन आरोपियों ने उसकी मांग में सिंदूर भरते हुए का फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची।
रिपोर्ट में बनाया तीनों अपहर्ताओं, दो गवाहों और नोटेरी वकील को आरोपी
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस कथित विवाह के सम्बन्ध में तैयार किये गए कूटरचित दस्तावेजों पर दो व्यक्तियों ने झूठे गवाहों के रूप में हस्ताक्षर किए तथा एक नोटरी अधिवक्ता ने यह जानते हुए भी कि लड़की नाबालिग है, उन दस्तावेजों का नोटेरी प्रमाणीकरण किया। इस प्रकार उन गवाहों एवं नोटरी ने भी मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर गंभीर एवं दण्डनीय अपराध किया है। रिपोर्ट में इन सबके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, पोक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। पुलिस ने इस रिपोर्ट को धारा 137 (2) बीएनएस के तहत दर्ज किया है। मामले की जांच एसआई राजेन्द्र गीला कर रहे हैं।







