पानी की टंकी के लिए खेत की जमीन दी और 20 साल भुगतना पड़ा खातेदारी ग्राम पंचायत के संयुक्त होने का दंश, ग्रामीण सेवा शिविर में मिली काश्तकार को संयुक्त खातेदारी से मुक्ति, अब हो सकेगी गिरदावरी और मिल सकेंगे लाभ

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पानी की टंकी के लिए खेत की जमीन दी और 20 साल भुगतना पड़ा खातेदारी ग्राम पंचायत के संयुक्त होने का दंश,

ग्रामीण सेवा शिविर में मिली काश्तकार को संयुक्त खातेदारी से मुक्ति, अब हो सकेगी गिरदावरी और मिल सकेंगे लाभ

लाडनूं (kalamkala.in)। राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत ग्राम पंचायत दुजार में आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत दुजार के साथ एक काश्तकार की संयुक्त खातेदारी को अलग-अलग करने का विशेष कार्य किया गया। इस काश्तकार ने 20 साल पहले अपने खेत की जमीन में से ग्राम पंचायत को पानी की टंकी के लिए कुछ जमीन भेंट की थी, तब से उसका पूरा खेत संयुक्त खातेदारी का हो गया था और पिछले 20 सालों से इस किसान को बहुत सारी मुसीबतें उठानी पड़ रही थी। अब शिविर में उसकी समस्या का हल तत्काल किया जाकर उसे राहत पहुंचाई गई है‌। दुजार ग्राम पंचायत के अधीन ग्राम बेड़ के खसरा नम्बर 101/191 खातेदारी करणाराम पुत्र पुरखाराम व ग्राम पंचायत दुजार की संयुक्त खातेदारी व बेड़ के खसरा नम्बर 106 झमकू देवी पत्नी करणाराम व ग्राम पंचायत दुजार की संयुक्त खातेदारी होने के कारण सरकारी योजना का लाभ लेने पर ग्राम पंचायत से सहमति लेनी पड़ती थी व संस्था के साथ खाता होने के कारण किसान की गिरदावरी भी नही हो पा रही थी। इस समस्या के बारे में शिविर प्रभारी तहसीलदार अनिरूद्ध देव पाण्डेय को बताया गया। इस पर शिविर प्रभारी पांडेय ने जिला कलक्टर अवधेश मीणा एवं उपखण्ड अधिकारी लाडनूं ममता लहुआ के निर्देशन में तुरन्त पटवारी हल्का दुजार मुली रेवाड़ व भू अभिलेख निरीक्षक सुमन कुमारी को इनका सहमति विभाजन प्रस्ताव तैयार करवाने के लिए निर्देशित किया गया। केम्प सहयोगी मांगीलाल पटवारी ने तुरन्त विभाजन प्रस्ताव तैयार किया। काश्तकारों व ग्राम पंचायत के विभाजन प्रस्ताव को शिविर प्रभारी ने उसी समय स्वीकार कर काश्तकार पति-पत्नी को राहत प्रदान की। ग्राम पंचायत दुजार की ओर से इस अवसर पर सहमति के लिए प्रशासक भी उपस्थित हुए। इस किसान ने करीब 20 वर्ष पहले से टांका/पानी की टंकी निर्माण हेतु खातेदारी भूमि में से कुछ भूमि ग्राम पंचायत को भेंट की थी, उसी समय से उनकी शामिल खातेदारी चल रही थी। बुजुर्ग काश्तकार पति-पत्नी ने कृषि भूमि का तत्काल बंटवारा होने पर खुशी जाहिर की और बताया कि सरकार द्वारा संचालित शिविरों में वर्षों से रुके हुए कार्य हो रहे हैं, यह अभूतपूर्व है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

शिविर में उपलब्ध हैं 22 विभागों की सेवाएं

शिविर प्रभारी अनिरुद्ध देव पांडेय ने कैंप में उपस्थित सभी नागरिकों को ग्रामीण सेवा शिविर में होने वाले फायदों के बारे में बताया। शिविर प्रभारी ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित इन शिविरों में सरकार के 22 विभागों का कार्य किया जा रहा हैै। शिविर में राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आम जन को प्रेरित किया गया और लोगों को विविध सरकारी योजनाओं के बारे मे जानकारी दी गई।

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Author: kalamkala

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पानी की टंकी के लिए खेत की जमीन दी और 20 साल भुगतना पड़ा खातेदारी ग्राम पंचायत के संयुक्त होने का दंश, ग्रामीण सेवा शिविर में मिली काश्तकार को संयुक्त खातेदारी से मुक्ति, अब हो सकेगी गिरदावरी और मिल सकेंगे लाभ

लाडनूं के आसोटा और मंगलपुरा ग्रामों में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित, 9 खाता विभाजन (बंटवारा) के मामलों में लगभग 37 संबंधित काश्तकारों को मिला अपने हिस्से की भूमि का स्पष्ट स्वामित्व, 43 रिकॉर्ड शुद्धिकरण और 44 नामांतरण किए

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