लाडनूं के आसोटा और मंगलपुरा ग्रामों में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित,
9 खाता विभाजन (बंटवारा) के मामलों में लगभग 37 संबंधित काश्तकारों को मिला अपने हिस्से की भूमि का स्पष्ट स्वामित्व, 43 रिकॉर्ड शुद्धिकरण और 44 नामांतरण किए
लाडनूं (kalamkala.in)। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविरों में राज्य सरकार के मंशा के अनुरूप राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण और काश्तकारों को राहत पहुंचाने के लिए राजस्व विभाग द्वारा विशेष मुस्तैदी दिखाई जा रही है। लाडनूं तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत मंगलपुरा और आसोटा में हुए ग्रामीण सेवा शिविर में 9 खाता विभाजन के प्रकरणों, 43 शुद्धि पत्र और 44 म्यूटेशन का निस्तारण किया गया। राजस्व टीम द्वारा ग्राम मंगलपुरा और ग्राम आसोटा में लंबे समय से लंबित चल रहे कई राजस्व मामलों का मौके पर ही और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित निस्तारण किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, दोनों पंचायतों (मंगलपुरा एवं आसोटा) में संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कुल 9 खाता विभाजन (बंटवारा) के मामलों को अंतिम रूप दिया गया है। खाता विभाजन होने से अब लगभग 37 संबंधित काश्तकारों को अपने हिस्से की भूमि का स्पष्ट स्वामित्व मिल सकेगा, जिससे भविष्य में होने वाले आपसी विवादों पर लगाम लगेगी। साथ ही 43 शुद्धि पत्र और भूमि हस्तांतरण और रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण की प्रक्रिया को गति देते हुए दोनों गांवों में कुल 44 नामांतरण खोले गए हैं। म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी होने से किसानों के राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) को अपडेट कर दिया गया है, जिससे राजस्व कार्यों में सुगमता होगी। शिविर प्रभारी उपखण्ड अधिकारी ममता लहुआ, तहसीलदार अनिरुद्ध देव पांडेय, नायब तहसीलदार प्रहलाद पारीक, भू.अ.नि. जगदीश प्रसाद स्वामी व बजरंग लाल प्रजापत एवं पटवारी पूजा खिलेरी, गोपाल गुर्जर, नंदलाल जाट, किसन राम बगड़िया, महावीर प्रसाद जाट व रोहन घोटिया (प्रशिक्षु पटवारी) द्वारा शिविर में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।






