त्यौंहारों में बेहतर यातायात प्रबन्धन की तैयारी, ट्रैफिक पुलिस बनाएगी 2 माह की कार्ययोजना,
पुलिस महानिदेशक ने दिए निर्देश, पुलिस मुख्यालय में यातायात प्रबंधन पर अहम् बैठक में डीजीपी ने कहा- एक डायवर्जन से दूसरे रास्तों पर न फंसे जाम
सुभाष शर्मा, पत्रकार। जयपुर (kalamkala.in)। त्योहारों और पर्यटन सीजन में जयपुर की सड़कों पर बेहतर और सुचारू यातायात प्रबन्धन के लिए पुलिस अब अगले 2 महीने की कार्ययोजना तैयार करेगी। पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। डीजीपी ने अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में यातायात प्रबन्धन का मौके पर निरीक्षण कर व्यावहारिक समाधान निकालने तथा अगले दो महीने की कार्ययोजना की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। शर्मा ने कहा कि ट्रैफिक सुधार का असर सड़कों पर दिखना चाहिए। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ ही डायवर्जन, पार्किंग और प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
फील्ड के काम और परिणाम से होगा अधिकारियों का आकलन
डीजीपी ने कहा कि अधिकारियों के काम का आकलन फील्ड में किए गए प्रयासों और उनसे मिले परिणामों के आधार पर किया जाए। आमजन को यातायात व्यवस्था में सुधार का प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए। सीमित संसाधनों में भी उपलब्ध पुलिस बल, वाहनों और उपकरणों का बेहतर इस्तेमाल कर यातायात को सुगम बनाया जाए।
एक डायवर्जन से रास्ता दूसरा जाम नहीं हो
यातायात डायवर्जन को लेकर कहा कि डायवर्जन मौके की स्थिति, यातायात दबाव और वैकल्पिक रास्तों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। एक मार्ग पर यातायात नियंत्रित करने के प्रयास में दूसरे मार्ग पर जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए। प्रमुख चौराहों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और व्यस्त मार्गों पर जरूरत के अनुसार पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई, ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रवर्तन पर चर्चा हुई। प्रमुख चौराहों पर रोड मार्किंग, साइन बोर्ड, सुरक्षित पैदल पार पथ और फ्री-लेफ्ट की व्यवस्था सुधारने के साथ यातायात बाधित करने वाले अस्थायी अतिक्रमणों पर भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
यातायात दबाव का नियमित आकलन और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्रवाई पर जोर
इसके अलावा आईटीएमएस, कैमरा आधारित चालान और एएनपीआर तकनीक के प्रभावी उपयोग, ई-रिक्शा संचालन के नियमन, पार्किंग व्यवस्था तथा बसों के संचालन को व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया। त्योहारों के दौरान बाजारों और पर्यटन स्थलों पर वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया। बैठक में पुलिस महानिदेशक यातायात मालिनी अग्रवाल, एडीजी यातायात बी.एल. मीणा, जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल, डीआईजी विकास शर्मा सहित डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी, एसीपी और यातायात व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीजी यातायात अग्रवाल ने प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव का नियमित आकलन करने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्रवाई पर जोर दिया।

