सफलता के लिए चरित्र, सहिष्णुता, एकाग्रचितता व निश्चित लक्ष्य आवश्यक- डा. वीरपाल सिंह शेखावत, कैरियर व व्यक्तित्व विकास पर बालसभा में दिया गया विशेष जोर

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

सफलता के लिए चरित्र, सहिष्णुता, एकाग्रचितता व निश्चित लक्ष्य आवश्यक- डा. वीरपाल सिंह शेखावत,

कैरियर व व्यक्तित्व विकास पर बालसभा में दिया गया विशेष जोर

लाडनूं। निकटवर्ती ग्राम निंबी जोधा स्थित टैगोर शिक्षण संस्थान में छात्र-छात्राओं को भविष्य के लिए अग्रिम मार्गदर्शन करने की श्रृंखला में विशेष बाल सभा का आयोजन किया जाकर चरित्र के महत्व पर बल दिया और सहनशीलता, एकाग्रचितता व निश्चित लक्ष्य को सफलता की कुंजी बताया गया। टैगोर शिक्षण संस्थान ग्रुप के संरक्षक डा. वीरपाल सिंह शेखावत इस सभा में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य को पहचानने व उसकी उपलब्धि में अपने मन को एकाग्रचित करने पर बल दिया। उन्होंने रामायण में राम की रावण पर विजय का मुख्य कारण राम का चरित्रवान होना बताया। उन्होंने बताया कि जो सहनशील होता है और निश्चित लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ता है, वही विद्यार्थी सफल होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के बाद भी एक अच्छा इंसान बनना बहुत जरूरी होता है। इस अवसर पर विद्यालय निदेशक गुलाब सिंह शेखावत के साथ संस्थान के सभी प्रधानाचार्य व स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

शहर चुनें

Follow Us Now