अब मिलेगा पुलिस सिपाही को भी साप्ताहिक अवकाश, नागौर जिले के जायल से पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत 19 दिसम्बर से

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अब मिलेगा पुलिस सिपाही को भी साप्ताहिक अवकाश,

नागौर जिले के जायल से पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत 19 दिसम्बर से

नागौर। महानिदेशक पुलिस, राजस्थान की प्रेरणा से नागौर पुलिस द्वारा पुलिस कार्मिकों के लिए एक अभिनव पहल की गई है, जिसके तहत अब पुलिस थानों और पुलिस चैकियों पर पदस्थापित कॉन्स्टेबल को साप्ताहिक विश्राम दिया जायेगा। पुलिस कार्मिकों को अधिकांशतः कठिन एवं विपरीत परिस्थिति में कार्य करने से उनके स्वास्थ्य में गिरावट एवं पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थता तथा नकारात्मक प्रभाव को रोकने हेतु नागौर पुलिस द्वारा यह नवाचार शुरू किया गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत नागौर जिले में 19 दिसम्बर से पुलिस वृत जायल क्षेत्र के समस्त थाना और चैकियों में की गई है। इन आदेशों के अनुसार पुलिस की उपलब्ध नफरी के उचित अनुपात में कॉन्स्टेबल को साप्ताहिक विश्राम प्रदान किया जाएगा, जिसकी अवधि सुबह 8 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक रहेगी।
पुलिस महानिदेशक के विश्राम योजना के निर्देश
महानिदेशक पुलिस, राजस्थान उमेश मिश्रा (आई.पी.एस.) की प्रेरणा से जिला पुलिस अधीक्षक नागौर राममूर्ति जोशी (आई.पी.एस.) द्वारा जिले में पुलिस थानों पर पदस्थापित कार्मिकों को अधिकांशतः कठिन एवं विपरीत परिस्थिति में कर्तव्य पर निरन्तर कार्यरत रहने के कारण उनके स्वास्थ्य में अनवरत गिरावट एवं पारिवारिक व सामाजिक दायित्वों को निर्वहन में असमर्थता के कारण विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करने की स्थिति प्रतिपादित होने से राजकार्य के प्रति नकारात्मक प्रभाव के तथ्य प्रकाश में आये हैं। कार्मिकों में उत्पन्न इस प्रकार की असामान्य परिस्थिति को सकारात्मक रूप से सामान्य परिस्थति में परिवर्तन करने के उद्देश्य से इनके स्वास्थ्य में वृद्धि, पारिवारिक व सामाजिक जीवन में सौहार्दपूर्ण वातावरण विकसित करने व इनके मनोबल का स्तर उच्च करने हेतु महानिदेशक पुलिस राजस्थान की प्रेरणा से ‘‘थाने में पदस्थापित कॉन्स्टेबल को साप्ताहिक विश्राम प्रदान करने की योजना’’ में प्रायोगिक परीक्षण हेतु सर्वप्रथम जिला नागौर के वृत जायल के अधीन संचालित समस्त पुलिस थानों व चैकियां को ‘पायलेट प्रोजेक्ट’ के रूप में चयनित किया गया है। साप्ताहिक विश्राम की यह ‘पायलेट प्रोजेक्ट’ योजना 19 दिसम्बर 2022 से लागू हो जाएगी।
यह रहेंगे पुलिस साप्ताहिक अवकाश के निर्देश
इस योजना के सफल संचालन हेतु निर्देश दिए गए हैं कि उपलब्ध नफरी के उचित अनुपात में कॉन्स्टेबल को साप्ताहिक विश्राम प्रदान किया जायेगा, जिसकी अवधि सुबह 8 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक रहेगी। कॉन्स्टेबल को उसके रात्रि गश्त व रात्रि ड्यूटी के अगले दिन साप्ताहिक विश्राम प्रदान किया जायेगा। राजकार्य को दृष्टिगत रखते हुये विश्राम का दिन एवं कॉन्स्टेबल का चयन थानाधिकारी अपने विवेक से यथासंभव कॉन्स्टेबल की सुविधानुसार निश्चित करेंगे। यह विश्राम स्वीकृत सुदा अवकाश के साथ नहीं दिया जायेगा। कानून व्यवस्था के लिए अति आवश्यक राजकार्य के दौरान साप्ताहित विश्राम निरस्त किया जा सकेगा। यह विश्राम असंक्रमणीय पद्धति से देय होगा, अर्थात आवश्यक राजकार्य के कारण किसी सप्ताह में विश्राम नहीं मिलने पर आगामी सप्ताह में जोड़ा नहीं जायेगा। थानाधिकारी इस योजना का सतत पर्यवेक्षण कर आने वाली कठिनाई एवं समस्याओं को लेखबद्ध कर उनके निराकरण के संबंध में उचित सुझाव व प्रस्ताव वृताधिकारी को प्रस्तुत करेंगे व वृताधिकारी अपने थानाधिकारियों से पूर्ण विचार-विमर्श कर प्रत्येक सोमवार को समीक्षा रिपोर्ट जिला पुलिस अधीक्षक, नागौर को प्रस्तुत करेंगे।

राजस्थान में एक लाख पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलेगा

राजस्थान में एक लाख पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की तैयारी की गई है। प्रायोगिक तौर पर पहले कुछ पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जा रहा है। इस प्रयोग सफल रहने पर सभी पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा। प्रदेश के नये पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने पुलिसकर्मियों की सुविधाओ में बढ़ोतरी को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद ह निर्णय लिया है। मिश्रा का मानना है कि साप्ताहिक अवकाश दिए जाने से पुलिसकर्मी पहले से अधिक सही तरह से काम कर सकेंगे। उन पर मानसिक दबाव कम होगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी। रात्रि ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को अगले दिन 24 घंटे आराम करने की अनुमति दी जा रही है। मिश्रा ने पुलिसकर्मियों के वेतनमान में बढ़ोतरी को लेकर वित्त और गृह विभाग के अधिकारियों के साथ प्रारंभिक दौर की चर्चा भी की है। मिश्रा ने माना कि प्रदेश में अपराधों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन लोगों को राहत भी मिली है। पुलिस थानों में रिपोर्ट का पंजीकरण अनिवार्य करने से आम लोगों को परेशान नहीं होना पड़ता है। पुलिस थानों में स्वागत कक्ष बनाए जाने से आम लोगों को काफी राहत मिली है। मिश्रा ने साइबर अपराधों में होती बढ़ोतरी को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में साइबर अपराध की गतिविधियों के खिलाफ पुलिस थाने खोले जाने के निर्देश दिए हैं। साइबर पुलिस थानों में थाना अधिकारी पुलिस उप अधीक्षक के स्तर का अधिकारी लगाया जाएगा। मिश्रा ने जिला पुलिस अधीक्षकों को रात्रिगस्त में सख्ती करने के निर्देश दिए हैं।

 

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Author: kalamkala

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