चार साल के वियोग के बाद आया मिलन का संयोग-
साजिश से फंसा कर गिरफ्तारी होने के बाद बिछड़े पति-पत्नी को लाडनूं की अदालत ने वापस मिलाया,
परस्पर चल रही थी नाराजगी, अदालत की समझाइश काम आई, बचा दाम्पत्य जीवन, वकीलों ने बरसाए पुष्प

लाडनूं (kalamkala.in)। मुकदमेबाजी चाहे झूठी हो या सच्ची और साजिशाना फंसाया हुआ कितना ही सच्चा व्यक्ति हो, उसका पारिवारिक जीवन छिन्न-भिन्न हो जाता है। लाडनूं में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें षड्यंत्र रच कर किसी मामले में फंसा देने के बाद गिरफ्तार हुए व्यक्ति की पत्नी के छोड़ कर चले जाने के बाद उस व्यक्ति ने न्यायालय के माध्यम से अपनी पत्नी को फिर से प्राप्त किया। ऐसे सुअवसर पर न्यायालय में दोनों पति-पत्नी ने बिछुड़ने के बाद वापस मिलने पर परस्पर मालाएं फिर से पहनी और वकीलों ने उन पर फूल बरसा कर नए सिरे से दाम्पत्य जीवन शुरू करने की शुभकामनाएं दीं।
इस प्रकार बिगड़ा वैवाहिक जीवन और बिछड़ गए थे दो जीवनसाथी
लाडनूं न्यायालय के सामने आए इस अनोखे मामले में चार साल से बिछड़े इस पति-पत्नी ने आपसी समझाइश से सुलह कर फिर से अपना घर बसाने का संकल्प लिया है। इस बारे में जानकारी देते हुए अधिवक्ता विकास ठोलिया ने बताया कि ग्राम गैनाणा निवासी जग्गूराम और ग्राम भरनावां निवासी बसंती का विवाह 30 जून 2017 को हुआ था। दंपती का एक 6 वर्षीय पुत्र भी है। 29 मई 2021 को कुछ लोगों द्वारा षड्यंत्र रचकर जग्गूराम को एनडीपीएस एक्ट के मामले में फंसा दिया गया, जिससे उसकी गिरफ्तारी हो गई। इस घटना के बाद बसंती अपने पीहर चली गई और दांपत्य जीवन टूटने की कगार पर पहुंच गया। अगस्त 2024 में जग्गूराम जमानत पर रिहा हुआ और पत्नी को पुनः अपने घर लाने के लिए 9 जनवरी 2025 को अपर जिला न्यायालय लाडनूं में वाद दायर किया।न्यायालय ने पत्नी को नोटिस जारी कर दोनों पक्षों को उपस्थित कर सुनवाई की। इस मामले में न्यायाधीश आरिफ मोहम्मद खान चायल, अधिवक्ता विकास ठोलिया, रामचंद्र बैंदा, मध्यस्थ एडवोकेट रविन्द्र सिंह राठौड़ तथा एडिशनल पीपी चेतन सिंह की समझाइश से दोनों पक्ष सहमत हुए और पति-पत्नी के रूप में फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। न्यायालय ने दंपती को पुनः गैनाणा स्थित उनके घर भेजकर दांपत्य जीवन की नई शुरुआत करवाई। अधिवक्ता विकास ठोलिया ने बताया कि कोर्ट में अधिवक्ताओं ने पुष्पवर्षा कर दंपती का स्वागत किया और उनके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की।



