भावी घटनाओं को लेकर विज्ञान की तरह लोगों को सचेत करे ज्योतिष- पं. चंद्रशेखर शर्मा,
जसवंतगढ़ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में जुटे देश भर के प्रमुख ज्योतिषी
लाडनूं (kalamkala.in)। जसवंतगढ़ स्थित सेठ श्री सूरजमल तापड़िया आचार्य संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित किए जा रहे ‘दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन’ का उद्घाटन मुख्य अतिथि सतीश तापड़िया ने किया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पं. चंद्रशेखर शर्मा ने की। अखिल भारतीय ज्योतिष शोध संस्थान जयपुर एवं श्रीमती मोहरीदेवी तापड़िया शिक्षाशास्त्री महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक विद्वान ज्योतिषियों का समागम हुआ।
चिकित्सा शास्त्र और ज्योतिष में परस्पर सम्बन्ध
कार्यक्रम के अध्यक्ष पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि ज्योतिष एवं व्याकरण दोनों कठिन विषय हैं, परंतु अनुभवी गुरु द्वारा इनको सरल तरीके से सीखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक ज्योतिषी की यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपने लोगों को सही मार्ग दिखाए और विज्ञान की तरह आगे घटित होने वाली घटनाओं के प्रति सबको सजग करें।कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन से सम्मानित पं. सत्यनारायण शर्मा ने विभिन्न प्रकार के ज्योतिषीय पहलुओं को व्यक्त करते हुए एवं चिकित्सा शास्त्र और ज्योतिष के बीच संबंध स्थापित करते हुए अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।
ज्योतिष विज्ञान पर पर्याप्त शोध की आवश्यकता
कार्यक्रम संयोजक डॉ. रवि शर्मा ने कहा कि वर्तमान में ज्योतिष विषय पर शोध की स्थिति चिंताजनक है, इस विषय पर बहुत अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्तमान में ज्योतिषियों की संख्या के निरंतर घटने को भी चिंतनीय बताया और कहा कि सभी ज्योतिषियों का दायित्व बनता है कि इस विद्या का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में सम्मिलित सभी ज्योतिषियों का परिचय प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में संस्कृत आचार्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमंत कृष्णा मिश्र ने स्वागत भाषण किया। महाविद्यालय के सचिव गोपाल कृष्ण बिहानी ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।
ये सब प्रमुख ज्योतिषी हुए सम्मिलित
इस दो दिवसीय ज्योतिष सम्मेलन में देश भर से आए प्रमुख ज्योतिषियों में कमलेश शर्मा, विकास तिवाड़ी, रजनी शर्मा, कन्हैया, सत्यनारायण, प्रिया सोनी, पूजा स्वामी, तेज कुमार, गिरीश कुमार, महेश, प्रेम चंद, गौरी शंकर, राधेश्याम, शिखा, उमेश, गजानंद, कोमल, भावना, परमानंद, किशन, भागीरथ, नेहा, सुनील, नरेंद्र, प्रकाश, मुनींद्र, महेश, चंद्रप्रकाश, भरतलाल, रंजू मित्तल, कृष्ण, दीपेश, मोहित, गणेशराम, उमेश उत्साही, पंडित सुनील कुमार त्रिपाठी, रजनी शर्मा, कमलेश, डा. नेहा दिल्ली आदि सम्मिलित रहे।






