जसवंतगढ को सुजानगढ़ नगर परिषद के पैराफेरी में जाने से रोका जाने और पानी की समस्या के हल को लेकर सौंपा ज्ञापन,
किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी ने दिया समस्या समाधान का आश्वासन
लाडनूं (kalamkala.in)। जन कल्याण सेवा संगठन जसवन्तगढ़ द्वारा किसान आयोग राजस्थान के अध्यक्ष सीआर चौधरी को एक ज्ञापन देकर लाडनूं की ग्राम पंचायत जसवंतगढ़ को सुजानगढ़ (चूरू जिला) की पैराफेरी से बाहर निकालने एवं ग्राम को भीषण जल संकट से मुक्ति दिलाने की मांग की। ग्राम पंचायत जसवंतगढ़ के समस्त ग्रामवासियों की ओर से यह ज्ञापन समाजसेवी अंजनी कुमार सारस्वत ने सौंपा। इस ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत जसवंतगढ़ को चूरू जिले के सुजानगढ़ कस्बे की नगर परिषद पैराफेरी से बाहर निकालने का आदेश करवाया जाए। जसवंतगढ़ कस्बा प्रशासनिक रूप से तहसील लाडनूं एवं जिला डीडवाना-कुचामन के अंतर्गत आता है। किन्तु, हाल ही में सरकार द्वारा इसे निकटवर्ती सुजानगढ़ नगर परिषद की परिधि (पैराफेरी) में सम्मिलित कर दिया गया है, जबकि सुजानगढ़ तहसील चूरू जिले के अंतर्गत आता है। किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी ने आश्वस्त किया है कि यह मसला राज्य सरकार के समक्ष रख कर हल करवा देंगे। चौधरी को यह ज्ञापन उनके रायधना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया।
सुजानगढ़ में जाने पर 15 हजार का काम होगा 15 लाख में
इस निर्णय के कारण ग्रामवासियों को भूमि कन्वर्जन, भू-अभिलेख एवं अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिये अनावश्यक रूप से शहरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे आमजन पर अत्यधिक अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्र की सरल प्रशासनिक व्यवस्था बाधित हो रही है। ज्ञापन में बताया गया है कि लाडनूं में 1.5 बीघा जमीन कन्वर्ट करवाने के 15000 रूपये लगते थे, अब सुजानगढ़ में उसी जमीन के 15 लाख रूपये लगेंगे। इसे लेकर समस्त ग्रामवासियों ने जसवंतगढ़ का पूर्ववत् ग्राम पंचायत का दर्जा यथावत रखा जाने तथा भूमि एवं राजस्व संबंधी समस्त कार्य पूर्व की भांति तहसील लाडनूं के अंतर्गत ही संचालित किया जाने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियों एवं अतिरिक्त शुल्क से राहत मिल सके।
बरसों से जसवंतगढ भुगत रहा है पानी की किल्लत
इस ज्ञापन में दूसरा बिंदु जसवंतगढ़ में गंभीर पेयजल संकट के समाधान की मांग का उठाया गया है। इसे लेकर ज्ञापन में लिखा गया है कि जसवंतगढ़ की वर्तमान आबादी के अनुसार कस्बे को प्रतिदिन लगभग 2 एम.एल.डी. (MLD) पेयजल की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में मात्र लगभग 0.5 एमएलडी पानी ही आपूर्ति हो पा रही है। इस अपर्याप्त जलापूर्ति के कारण कस्बे में पिछले कई वर्षों से भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों को लगभग 15-15 दिनों के अंतराल में पानी मिल रहा है तथा वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं होता। गर्मी के मौसम में स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है। पानी की इस विकट समस्या के कारण अनेक परिवार मजबूर होकर अन्य स्थानों की ओर पलायन (Migration) भी करने लगे है, जिससे गांव के सामाजिक एवं आर्थिक ढ़ांचे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए जसवंतगढ़ की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करवाई जाये तथा कम से कम पर्याप्त एमएलडी नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस ज्ञापन पर भाजपा प्रत्याशी करणीसिंह, अंजनीकुमार सारस्वत, सुमित प्रजापत, बनवारी, मुकेश, सुशील तोषनीवाल, पवन भंडारी, सुशील कुमार शर्मा, पन्नालाल गुर्जर, महावीर बागड़ा, गोपाल शर्मा, विकास शर्मा, नरेंद्र स्वामी, पदमाराम रिणवा, गोपाल, शंकर, अमित, रमेश, पीआर शर्मा, श्यामसुंदर आदि ने हस्ताक्षर किए हैं।





