वयोवृद्ध मुनि आत्मानंद को दी जैन समाज ने दी अंतिम विदाई
लाडनूं (kalamkala.in)। आचार्य महाश्रमण के विद्वान एवं वयोवृद्ध शिष्य मुनि आत्मानंद का देवलोक गमन हो गया।आचार्य महाश्रमण ने उन्हें विशिष्ट मुनि बताते हुए उनकी आत्मा के कल्याण की कामना की। वहीं सकल तेरापंथ समाज ने बैकुंठी निकालकर उन्हें अंतिम यात्रा के लिए विदा किया। अंतिम यात्रा जैन विश्व भारती के मुख्य द्वार से होती हुई पहली पट्टी, ऋषभ द्वार, सदर बाजार एवं नगर के मुख्य मार्ग से गुजरी। वृद्ध साध्वी सेवा केंद्र पहुंचने पर वहां विराजित साध्वियों ने दिवंगत मुनि की आत्मा के लिए मंगल कामना की तथा उन्हें जैन धर्म मंगल पाठ सुनाया। मालूम हो कि मुनि आत्मानंद का गुरुवार की देर रात्रि निधन हो गया था। उनकी अंतिम यात्रा का व्यवस्थागत दायित्व आचार्य महाश्रमण योगक्षेम प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद, मंत्री राजेंद्र खटेड़, चिकित्सा प्रभारी डॉ. कमल सिंह बैद, सलाहकार नरपत दूगड़, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़, जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष प्रकाश चंद बैद, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद बैद, राकेश कोचर, महेंद्र बाफना, तेजकरण बोथरा, उमेद मल बैद, विनोद पटावरी, पन्नालाल बैद, मन्नालाल बैद, प्रकाश बोकाड़िया आदि ने भूमिका निभाई। दिवंगत मुनि का अंतिम संस्कार जोगीदड़ा श्मशान भूमि पर किया गया, जहां उनके परिजनों ने उन्हें मुखाग्नि दी।





