उच्च शिक्षा प्राप्त डॉ. खुशी सुराणा को समणी संन्यास की दीक्षा आज,
जैविभा विश्वविद्यालय से किया स्नातकोत्तर एवं पीएचडी का अध्ययन, आचार्य श्री महाश्रमण के सान्निध्य में होगी दीक्षा सम्पन्न
लाडनूं (kalamkala.in)। आचार्य श्री महाश्रमण के योगक्षेम वर्ष प्रवास के दौरान आयोज्य विभिन्न कार्यक्रमों में दीक्षा समारोह भी महत्वपूर्ण है। रविवार 8 फरवरी को यहां आयोजित किए जाने वाले प्रथम दीक्षा समारोह में एक ऐसी युवती समणी-संन्यास ग्रहण करने जा रही है, जो मनोविज्ञान विषय में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया तथा बाद में जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय से जैनोलोजी में स्नातकोत्तर गोल्ड मैडलिस्ट किया एवं वहीं से पीएचडी की है। यह दीक्षार्थी डॉ. खुशी सुराणा ने पारमार्थिक शिक्षण संस्था में भी 4 वर्ष अध्ययन किया। ये राजगढ़ व दिल्ली रहने वाले अरुण सुराणा एवं माता कुसुम सुराणा की पुत्री है। इनके दादा तत्त्वज्ञ श्रावक स्व. नेतमल सुराणा थे और इनके नाना रतनगढ़ व कोलकाता रहने वाले स्व. श्रीचंद बैद हैं इनकी बहन साध्वी संस्कृति प्रभा ने भी 4 वर्ष पूर्व साध्वी दीक्षा ग्रहण की थी। डॉ. खुशी सुराणा ने 4 पर्युषण यात्राएं पूरी की, जिनमें विजयनगरम (कर्नाटक),- सैंथिया (पश्चिम बंगाल), अजमेर (राजस्थान) और ईचलकरंजी (महाराष्ट्र) शामिल हैं। इनको समणी प्रतिक्रमण आज्ञा 12 सितंबर 2025 को हुई थी और फिर दीक्षा आदेश 26 अक्टूबर 2025 को होने के बाद अब 8 फरवरी 2026 को समणी दीक्षा होने जा रही है।







