इलेक्ट्रो होम्योपैथी अनुसंधान प्रयोगशाला का शुभारंभ 20 दिसंबर को,
इंदौर के देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में किया जाएगा प्रारम्भ

इंदौर (kalamkala.in)। देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, इंदौर में मध्य प्रदेश की पहली इलेक्ट्रो होम्योपैथी अनुसंधान एवं औषधि निर्माण प्रयोगशाला का शुभारंभ आगामी 20 दिसंबर 2025 को दोपहर 3 बजे देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, इंदौर में किया जाएगा। इस अवसर पर इलेक्ट्रो होम्योपैथी कौंसिल ऑफ मध्य प्रदेश के अध्यक्ष ओम जैन को उद्घाटन के लिए औपचारिक आमंत्रण पत्र भेजा गया है। प्रबंधन का मानना है कि ओम जैन की गरिमामयी उपस्थिति से यह कार्यक्रम और अधिक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक बनेगा। गौरतलब है कि 19 दिसंबर का दिन देवी अहिल्या हॉस्पिटल के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 2019 में देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल का शुभारंभ किया गया था। अब ठीक छह वर्ष बाद इलेक्ट्रो होम्योपैथी की उच्च स्तरीय अनुसंधान प्रयोगशाला की शुरुआत की जा रही है, जिसे चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इलेक्ट्रो होमियोपैथी की दवाओं का होगा आधुनिक विधि से निर्माण
देवी अहिल्या हॉस्पिटल के निदेशक अजय हार्डिया द्वारा प्रेषित इस आमंत्रण पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला इलेक्ट्रो होम्योपैथी के प्रवर्तक डॉ. काउंट सीजर मैटी के सिद्धांतों एवं स्पैजरिक कोहोबेशन पद्धति पर आधारित होगी। यहां औषधियों का निर्माण पूर्णतः औषधीय पौधों से किया जाएगा, जिसमें भारत में उपलब्ध 108 से अधिक हर्बल पौधों का उपयोग किया जाएगा। प्रयोगशाला में औषधि निर्माण की प्रक्रिया के अंतर्गत किण्वन, आसवन, भस्मीकरण तथा सहक्रियात्मक मिश्रण जैसी वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से पौधों में निहित वानस्पतिक ऊर्जा (लिक्विड इलेक्ट्रिसिटी) को औषधि में संरक्षित किया जाएगा, जिससे शरीर की रक्त एवं लसीका प्रणाली को संतुलित करने में सहायता मिलेगी।







