क्षतिग्रस्त मकान से हादसे को न्यौता, पालिका प्रशासन कब तक रहेगा सोता? एक साल से जीर्ण-शीर्ण मकान मकान क्षतिग्रस्त हो चुका, इससे अवगत होने के बावजूद पालिका की नींद नहीं खुली, अब एसडीएम को पत्र दिया

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क्षतिग्रस्त मकान से हादसे को न्यौता, पालिका प्रशासन कब तक रहेगा सोता?

एक साल से जीर्ण-शीर्ण मकान मकान क्षतिग्रस्त हो चुका, इससे अवगत होने के बावजूद पालिका की नींद नहीं खुली, अब एसडीएम को पत्र दिया

लाडनूं (kalamkala.in)। आमजन की सुरक्षा को हानि का अंदेशा होने पर खतरनाक, क्षतिग्रस्त व जीर्ण-शीर्ण भवनों, निर्माणों आदि को हटवाने के लिए उनके मालिक को नोटिस देने और मालिक के नहीं होने या मालिक द्वारा नहीं हटाए जाने पर नगर पालिका द्वारा अपने स्तर पर उन्हें हटवाने और उसका हर्जा-खर्चा मकान के स्वामी से वसूल करने का अधिकार होता है। लेकिन नगर पालिका की इस मामले में पूरी लापरवाही ही नजर आ रही है। यहां स्टेशन रोड के पास एक रास्ते में पिछले एक साल से एक मकान क्षतिग्रस्त और जीर्ण-शीर्ण हालत में है, उसके दीवार का एक निचला हिस्सा गिर भी चुका है, लेकिन एक साल बाद फिर से बरसात का मौसम आ गया है। इस मकान के गिरने से कभी भी कोई बड़ा हादसा संभव है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की आंखें नहीं खुल रही है।

यह सब लिखा है पार्षद राजेश भोजक ने पत्र में

इस बारे में विशेष बात यह है कि करीब 9 माह पूर्व पालिका प्रशासन को इस हालत से लिखित में अवगत करवाया जा चुका था और कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर अब फिर पार्षद राजेश भोजक ने उपखण्ड अधिकारी लाडनूं को भी हालात से अवगत करवाया है। भोजक ने अपने पत्र में बताया है कि वार्ड सं. 22 में स्टेशन रोड पर हाथीमल जी बैगानी की हवेली के पिछली गली में एक बंद पड़ा मकान है, जिसकी मुख्य मार्ग की ओर की एक दीवार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है और वो कभी भी गिर सकती है, जिससे कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। भोजक ने बताया है कि इसकी शिकायत उन्होंने गत वर्ष 17 सितम्बर को लाडनूं नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी की ईमेल आईडी EOLADNULSG@rajasthan.gov.in पर की थी, लेकिन आज दिन तक तक इस पर किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई। इस दीवार को हटाने की या मरम्मत कराने की तो छोड़ो, इन्होंने तो इस क्षतिग्रस्त मकान को ठंडे बस्ते में ही डाल दिया है। इनकी यह लापरवाही इस बात का स्पष्ट साक्ष्य है कि लाडनूं नगर पालिका के अधिकारियों को आम जन की जान-माल की कोई भी परवाह नहीं हैं। जबकि, नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 45 ‘मुख्य नगरपालिका कृत्य’ की उपधारा छ (G) खतरनाक भवनों को हटाना (Removing dangerous building or places), धारा 243 खतरनाक भवन (Dangerous Building) की पालना करते हुए इस खतरनाक भवन की इस दीवार को हटा कर या पाड़ करके इसका शीघ्र ही निवारण करवाने के स्पष्ट आदेश हैं, लेकिन इसके बावजूद शिकायत को इतनी लंबी अवधि बीतने के पश्चात भी किसी भी तरह की कोई कार्यवाही नहीं करना आमजन की जान-माल के साथ खिलवाड़ करने का अपराध हैं। पत्र में भोजक ने बारिश का मौसम चलने से इस क्षतिग्रस्त भवन गिरने की संभावना बढ़नी बताते हुए इस क्षतिग्रस्त भवन को या तो गिराकर या इस पर कोई पाड़ बना कर इसका अतिशीघ्र निवारण करवाने की मांग की है, ताकि कोई भी व्यक्ति दुर्घटना का शिकार नहीं होने पाए।

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Author: kalamkala

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