साहित्य/ सम्मेलन/ सम्मान

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सुप्रसिद्ध लेखक प्रो. आनंदप्रकाश त्रिपाठी की 65वीं पुस्तक ‘अभिशप्त बेटी’ का समारोहपूर्वक हुआ विमोचन, परम्पराओं की निरर्थकता, सामाजिक सम्बन्धों के उलझाव, लोक व्यवहार में विसंगतियों आदि को उजागर करती है यह कृति

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दुनिया की प्राचीनतम भाषा ‘राजस्थानी’ में मान्यता सम्बंधी तमाम विशिष्टताएं हैं विद्यमान- जोगेश्वर गर्ग, डेह में ‘राजस्थानी भाषा उच्छब’ आयोजित, 31 कलमकारों का सम्मान एवं 15 महत्त्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण, ‘राजस्थानी’ को द्वितीय राजभाषा घोषित करने का प्रस्ताव पारित

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राजस्थानी साहित्यकारों का महाकुंभ ‘राजस्थानी भाषा उच्छब’ 20 अप्रेल को कुंजल माता परिसर डेह में होगा, प्रसिद्ध पत्रकार साहित्यकार पदम मेहता को एक लाख का विशेष सेवा शिखर सम्मान, 31 अन्य राजस्थानी कलमकारों का भी होगा सम्मान एवं 15 महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण, राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक एवं मंत्री करेंगे समारोह में शिरकत

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‘बात-बात में बात बनाना, उनके बस की बात नहीं है- घर के लोगों को समझाना उनके बस की बात नहीं है’ जैविभा विश्वविद्यालय में कवि सम्मेलन में कवियों ने हंसाया, गुदगुदाया, वीर रस से किया ओतप्रोत, खूब लूटी तालियों की गड़गड़ाहट

नेम प्रकाशन के मायड़भाषा पुरस्कार 2025 की घोषणा- राजस्थानी भाषा के 30 साहित्यकार होंगे सम्मानित, ‘माणक’ पत्रिका के सम्पादक पदम मेहता को मिलेगा 1 लाख का सर्वोच्च साहित्य सम्मान, रामस्वरूप किसान को शिखर सम्मान, 28 कलमकारों में लाडनूं के गोकुलदान खिड़िया भी होंगे सम्मानित

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