जैन विश्वभारती संस्थान में चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम आईटीईपी के तहत प्रवेश शुरू,
12वीं पास एवं एनटीए (NTA) उत्तीर्ण छात्राओं के लिए सुनहरा अवसर
लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान (मानित विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग से भावी शिक्षिकाओं के लिए यह एक अति हर्ष की खबर रहेगी कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) की मान्यता इस विश्वविद्यालय को प्राप्त हो गई है। इसके तहत अब छात्राओं के लिए अध्ययन की अवधि अब एक साल कम हो जाएगी। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण के योगक्षेम वर्ष में प्रवास-काल में उनके मंगलपाठ के शुभभाव एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर दूगड़ के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों के चलते लाडनूं के इस प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान को एक बड़ी सफलता मिली है। इस राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) की मान्यता प्राप्त होने पर पूर्व में संचालित चार वर्षीय बी.ए.-बी.एड. एवं बी.एस.सी.- बी.एड. प्रोग्राम को अब नए आईटीईपी (ITEP) प्रारूप में हस्तांतरित कर दिया गया है। इस नए प्रोग्राम के आने से क्षेत्र और देश भर से आने वाली छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर के उन्नत पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इस रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस प्रोग्राम में प्रवेश का आधार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा, 2026 उत्तीर्ण छात्राएं होंगी, जिन्हें अब पाठ्यक्रम की अवधि 12वीं कक्षा के बाद सीधे 4 वर्ष की रहेगी। इस प्रोग्राम से छात्राओं का एक वर्ष बचेगा, क्योंकि सामान्य ग्रेजुएशन और बी.एड. करने में 5 वर्ष लगते हैं। यह पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत तैयार किया गया एक आधुनिक ड्यूल मेजर प्रोग्राम है। नई शिक्षा नीति, 2020 के तहत भावी शिक्षिका बनने का अपना सपना पूरा करें और नैक से ‘ए’ ग्रेड, भौतिक और मानवीय संसाधनों से परिपूर्ण जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में संपर्क कर अपना प्रवेश सुनिश्चित किया जा सकता है।






