बाकलिया में खेतों में बिना मुआवजा खड़ी फसलों में हाईटेंशन टावर लगाने को लेकर किसानों का ग़ुस्सा फूटा,
पावरग्रिड कंपनी के हिमायती बनकर आए पुलिस-प्रशासन से किसान भिड़े, परस्पर झड़प व जोर-आजमाइश के बाद पांच को किया गया गिरफ्तार, किसान धरने पर बैठे


लाडनूं (kalamkala.in)। पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के पूर्ण स्वामित्त्व वाली सहायक कम्पनी पावरग्रिड भड़ला-III ट्रांसमिशन लिमिटेड द्वारा बाकलिया क्षेत्र में तार खींचने के लिए खेतों के अंदर विशाल टॉवर लगाने को लेकर विरोध कर रहे किसानों व ग्रामीणों से रविवार को पुलिस के साथ जोरदार जद्दोजहद हुई। इसमें महिलाएं भी पुलिस के सामने आई और काफी देर परस्पर जोर-आजमाइश के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद किसानों ने पावरग्रिड कंपनी और प्रशासन की मिलीभगत के आरोप लगाए और बाकलिया बस स्टैंड पर धरना शुरू कर दिया व बिजली टॉवर के पास पड़ाव डाल दिया।
भारी विरोध और झड़प के बाद पुलिस ने किया कुछ लोगों को गिरफ्तार
लाडनूं के बाकलिया क्षेत्र में शनिवार शाम को ही हाईटेंशन विद्युत लाइन टॉवर लगाने को लेकर किसानों ने अपनी खड़ी फसल में टॉवर लगाने के लिए काम करने से रोकते हुए साफ कहा कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वे खेतों में कंपनी को टावर खड़ा नहीं करने देंगे। कंपनी के कर्मचारी टावर लगाने पहुंचे, तो किसानों ने उनके रास्ते रोक दिए। इस पर प्रशासनिक दल तहसीलदार अनिरुद्ध देव पांडे, पुलिस उप अधीक्षक विक्की नागपाल, लाडनूं व निंबी जोधा के थानाधिकारियों, महिला पुलिस और अन्य पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों को हटाने की चेष्टा में परस्पर भिड़ंत हो गई। किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं को भी धक्के दिए। महिलाओं द्वारा भी कुल्हाड़ियां लेकर मुकाबले में आने की जानकारी मिली है। बाद में पुलिस ने कुछ किसानों को गिरफ्तार कर लिया।
बिना मुआवजा दिए कर रहे हैं किसानों की खड़ी फसलें खराब
किसानों का आरोप है कि पावरग्रिड कंपनी के अधिकारी प्रशासन की सह पर उनके खेतों में जबरन घुसकर हाईटेंशन लाइन के टॉवर खड़े कर रहे हैं, जिससे उनकी खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसानों के अनुसार, उचित मुआवजा दिए बिना टॉवर लगाए जाने के विरोध में किसानों में भारी रोष है। किसान सभा अध्यक्ष भंवरलाल सारण ने आरोप लगाया कि पिछले हफ्ते जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि बाकलिया क्षेत्र में डीएलसी दर के अनुसार एक हेक्टेयर की 17 लाख 71 हजार रुपए राशि मुआवजे के रूप में किसानों को मिलेगी। फसल लेने के बाद ही कंपनी को टावर खड़ा करने की अनुमति दी जाएगी। इसके बावजूद प्रशासन और पुलिस ने कंपनी के पक्ष में कार्रवाई करते हुए किसानों को जबरन गिरफ्तार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि रविवार को तहसीलभर के किसान एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। जब तक मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक कंपनी को खेतों में टावर लगाने नहीं दिया जाएगा।
ये सब बैठे धरने पर, समझाइश की भी कोशिश
रविवार को झड़प और गिरफ्तारियों के बाद लगाए गए धरने में किसान सभा के जिलाध्यक्ष भागीरथ नेतड़, सुरजाराम भाकर, विकास बुरड़क, पन्नाराम भामूं, कॉमरेड मदनलाल बेरा, हरिराम खीचड़, बजरंगलाल ठोलिया, सुभाष ठोलिया, कॉमरेड रूपाराम गोरा, मोतीसिंह थालौड़, कॉमरेड शिव भगवान आदि भी सम्मिलित हो गए और धरनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण व किसान मौजूद रहे।किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक गिरफ्तार किसानों को रिहा नहीं किया जाता और कंपनी की मनमानी पर रोक नहीं लगाई जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच एसडीएस मीनू वर्मा, तहसीलदार अनिरुद्ध देव पांडे, पुलिस उप अधीक्षक विक्की नागपाल आदि ने मौके पर पहुंचकर किसानों से समझाइश की है।






