लाडनूं में धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं नाबालिग दुपहिया वाहन चालक, खौफजदा हैं लोग,
लाडनूं पुलिस ने 35 ऐसे नाबालिग चालकों को पकड़ा और समझाइश करके छोड़ा, लेकिन लोगों पर कोई असर नहीं

लाडनूं (kalamkala.in)। जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती ऋचा तोमर (आई.पी.एस.) के निर्देशन में लाडनूं, जसवंतगढ़ सहित पूरे जिले में नाबालिग वाहन चालकों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान छेड़ रखा है, समझाइश भी की जा रही है, पुलिस थाना लाडनूं क्षेत्र में 35 नाबालिग चालकों को पकड़ा गया और उन्हें पुलिस थाने लाया जाकर एवं उनके अभिभावकों को बुलाया जाकर उनसे समझाइश दी गई। लेकिन, इसके बावजूद नाबालिगों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने पर पुलिस अभी तक कोई सक्षम रोकथाम कायम नहीं हो पाई है। लगता है बच्चे तो बच्चे, उनके माता-पिता व परिजन भी उनको बिना किसी डर के वाहन सौंप देते हैं। इससे बच्चों की और अन्य लोगों की जान जोखिम में पड़ती है और सड़क दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। लाडनूं में दिनभर लगभग सभी क्षेत्रों में दुपहिया वाहनों को लेकर 12-13 साल से लेकर 17 साल तक के नाबालिग बच्चे धड़ल्ले से गुजरते हुए देखे जा सकते हैं। तेली रोड, कालीजी का चौक, स्टेशन रोड आदि के साथ उनसे लगती सभी गलियों में आदि क्षेत्र में कभी भी ऐसे वाहन चालकों को तेज स्पीड से, बिना हेलमेट, बिना लाईसेंस और बेतरतीब ढंग से मोटरसाइकिलें और स्कूटर दौड़ाते देखे जा सकते हैं। इनको देख कर बुजुर्ग, महिलाएं व अन्य लोग भयभीत हैं और काफी दूर से ही सड़क को छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है। सब यही सोचते हैं कि पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं लेती?
जसवंतगढ़ में भी की गई नाबालिग चालकों को लेकर कार्रवाई
लाडनूं वृत के पुलिस थाना जसवन्तगढ़ द्वारा नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीडवाना हिमांशु शर्मा के सुपरविजन में, वृत्ताधिकारी लाडनूं विक्की नागवाल के पर्यवेक्षण एवं थानाधिकारी जसवंतगढ़ जोगेंद्र सिंह (निरीक्षक पुलिस) के नेतृत्व में जसवंतगढ़ थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की गई। नाबालिग वाहन चालकों को मौके पर रोका गया, थाने लाया गया एवं उनके अभिभावकों को थाने बुलाकर समुचित समझाइश व चेतावनी दी गई कि भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर मोटर वाहन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में यह पहल जन-जागरूकता, सड़क दुघर्टना रोकने व अभिभावकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने हेतु की गई। सभी थानों द्वारा लगातार अपने अपने थाना क्षेत्र में यह कारवाई की जा कर क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं।
पुलिस की ओर से जारी निर्देश और आमजन के लिए अपील
🔸 नाबालिगों को वाहन न सौंपें: समझाइश के साथ सख्त चेतावनी- पहली बार उल्लंघन पर बच्चों व उनके अभिभावकों को थाने बुलाकर आवश्यक समझाइश और स्पष्ट चेतावनी है कि भविष्य में पुनरावृति होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🔸 पुनः उल्लंघन पर कठोर दंड- सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस द्वारा प्रो-एक्टिव कार्रवाई की जा रही है। पुनः उल्लंघनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
🔸 कानूनी प्रावधान : नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर ₹25,000 तक जुर्माना, 3 वर्ष तक की सजा तथा वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।
🔸 समाज की सहभागिता आवश्यक: एसपी श्रीमती ऋचा तोमर (IPS) ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु समाज और पुलिस की साझी जिम्मेदारी है। पुलिस अधीक्षक ने आमजन और सीएलजी सदस्यों से यातायात नियमों की पालना में सहयोग की अपील की गई है।
🔸 सख्त निगरानी व जन-जागरूकता अभियान : गत करीब एक पखवाड़े में जिलेभर में सैकड़ों चालान जारी किए गए हैं। पुलिस थाना लाडनूं क्षेत्र में 35 नाबालिग चालकों को समझाइश दी गई।
🔸 आमजन से अपील▪ नाबालिगों को वाहन न चलाने दें।
▪ स्वयं नियमों की पालना करें।
▪ सड़क सुरक्षा में पुलिस का सहयोग करें।
▪ जागरूक नागरिक बनें : यह किसी की जिंदगी बचा सकता है।






