लाडनूं में डाढाली करणी माता मंदिर से दानपात्र चुराने वाला चोर उलटे पांव पहुंचा वापस मंदिर की चौखट पर और दानपात्र लौटाया,
भक्तों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा, पुलिस को अन्य चोरियां खुलने की उम्मीद
लाडनूं (kalamkala.in)। इसे एक सुखद आश्चर्य ही कहा जाएगा कि चोर जहां से चोरी करे, वहां खुद ही चोरी गया सामान लेकर वापस हाजिर हो जाए। कभी चोरों को लौट कर चोरी का सामान लौटाते नहीं देखा। प्रायः यही सामने आता है कि चोरी होने के बाद चोर का पता तक नहीं लग पाता और सामान की बरामदगी तो मुश्किल से ही संभव हो पाता है, लेकिन लाडनूं में डीडवाना रोड पर पुलिया के पास स्थित डाढाली करणी माता मंदिर में यह चमत्कार जैसा ही हुआ कि कुछ दिन पहले इस मंदिर के पिछवाड़े की दीवार फांद कर चोर घुसा और पीपे से बनाया हुआ ताला लगा दानपात्र चुरा कर ले गया। 17 मई को इस डाढाली करणी माता मंदिर से हुई इस चोरी की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। चोरी करने वाले को पहचान भी लिया गया। मंगलपुरा के माता के कुछ भक्त पुलिस को लेकर चोर के गांव हुडास उसके घर भी पहुंच गए, लेकिन चोर दिल्ली जा चुका था। इसके दो ही दिनों में चोर की बुद्धि घूम गई और उसने दिल्ली में जो कुछ खर्च कर दिया, उसे छोड़ कर शेष पैसों के साथ दानपात्र को लेकर मंदिर में वापस पहुंच गया। वह दानपात्र को मंदिर परिसर में रख कर जैसे ही वापस जाने को हुआ, उसे दानपात्र सहित पकड़ लिया गया। माता के भक्तों ने उस चोर को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पकड़ा गया यह चोर रकीब पुत्र कमालुद्दीन छींपा निवासी हुडास है। पुलिस को उस चोर से लाडनूं, सुजानगढ़, निम्बी जोधां, कानूता आदि में हुई अन्य चोरियों के खुलासे का अनुमान है। भक्तजनों का मानना है कि यह सब माता की सप्लाई से संभव हो पाया है कि चोर उल्टे पांव माता की चौखट पर वापस आ पहुंचा। दिल्ली गया हुआ चोर वापस उसी मंदिर में लौट आया। मंदिर में पहुंचे इस चोर को पकड़ने और पुलिस को सुपुर्द करने वालों में बबलू टाक, इंद्रजीत टाक, विशाल टाक, बालचंद सांखला, नवीन भाटी, मनीष भाटी, विशाल भाटी, सुनील गुर्जर, बबलू सांखला, पप्पू माली आदि के साथ भैरूं दान चारण, कान दान चारण, महेन्द्र चारण आदि शामिल थे।



