सांसी समाज में स्वैच्छा से शादी छोड़ने पर लगेगा 6 लाख का जुर्माना, मृत्युभोज बंद करने का निर्णय लागू और ओढावणी को किया सीमित, लाडनूं के सुनारी में हुई सांसी समाज की आम बैठक में लिए गए अनेक समाज सुधार के निर्णय

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सांसी समाज में स्वैच्छा से शादी छोड़ने पर लगेगा 6 लाख का जुर्माना, मृत्युभोज बंद करने का निर्णय लागू और ओढावणी को किया सीमित,

लाडनूं के सुनारी में हुई सांसी समाज की आम बैठक में लिए गए अनेक समाज सुधार के निर्णय

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। सांसी समाज सुधार समिति की एक आम बैठक तहसील के ग्राम सुनारी में रखी गई, जिसमें लाडनं के अलावा डीडवाना, कुचामन, मेड़ता, सुजानगढ तहसीलों के सांसी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। समिति के अध्यक्ष नेमाराम भानावत की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सांसी समाज में मृत्युभोज (खर्च मोसर) बंद किया गया है। सांसी समाज सुधार समिति लाडनूं के निर्देशन में लाडनूं का सम्पूर्ण सांसी समाज बैठक के बाद से ही किसी की भी मृत्यु होने पर उसके नाम से किसी प्रकार का मोसर खर्च नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में ओढावणी के नाम पर जो रिश्तेदारों से जो कपड़े, वस्त्रादि मंगवाए जाते हैं। इस परम्परा में संशोधन करते हुए सम्बंधित परिवार के अलावा भाईबंद व कबीले के वस्त्र नहीं मंगवाए जाएंगे।

शादी-सगाई को लेकर कड़े निर्णय लागू किए

समाजसुधार के इन निर्णयों में एक निर्णय यह भी लिया गया कि शादी के बाद अगर किसी भी परिवार का कोई विवाहित लड़का या लड़की, बिना किसी गलती या कुसूर के अपनी मर्जी से उस रिश्ते को तोड़ कर कहीं अन्यत्र मनमर्जी से जाना चाहें तो उस सम्बंधित लड़के या लड़की के परिवार को सामने वाले पक्ष को 5 लाख 51 हजार रूपए देने होंगे तथा 51 हजार रूपयों का जुर्माना समाज को देना होगा। इसी प्रकार सगाई होने के बाद बिना कुसूर के सगाई छोड़ने पर 1 लाख 1 हजार रूपए सामने वाले पक्ष को और 31 हजार रूपए समाज को हर्जाने के रूप में देने होंगे। इसके अलावा सगाई होने के बाद लग्न या पीले चावल की रस्म नहीं की जाएगी। सगाई के बाद सीधे शादी की तिथि ही तय की जाएगी। ये सभी नियम 20 मई 2024 से लागू माने जाएंगे।

बैठक में मौजद रहे प्रमुख बंधु-बांधव

इस बैठक में नेमाराम भानावत लाडनूं, बबलूराम मेहमावत, बाबूलाल सांवलिया, भंवरलाल मेहमावत, बरजादेवी भानावत, करण, अजय, सिकंदर भानावत लाडनूं, राजराम मेहमावत लाडनूं, ग्यारसी देवी, नेताराम विश्वनाथपुरा, हंसराज, सर्कलराम, महेन्द्र तमाचीवत कासण, तेजाराम, मालाराम, रामूराम, कैलाश चंद तमाचीवत, उगमाराम भानावत, बनाराम तमाचीवत, पप्पूराम बींजावत सुनारी, बन्नाराम, रामधनराम डूमावत हीरावती, तौलाराम, खैताराम दासावत हुडास, पप्पूराम, विष्णु, मैनादेवी दासावत सांडास, हरिराम सांवलिया गैनाणा, कैलाश चंद, पवन कुमार धाबीवत निम्बीजोधां, सोमादेवी, मैनादेवी बालसमंद, गीतादेवी, नन्दलाल, आकाश, दलीप, संजय, भंवरीदेवी, सुरेश, सुरजादेवी भानावत रोडू, हरीराम भानावत रींगण, रामनिवास, पिंटु भानावत तंवरा, रामेश्वर लाल भानावत, जगदीश सांवलिया कसूम्बी, बिरजुराम भानावत जसवंतगढ, सिणजाराम, अर्जुनराम, जगदीश सिंगरावट, मनोज खुनखुना, केशरदेवी खरेश, रामूराू रसाल, नैनादेवी मेड़ता, जगदीश जम्तिया तंवरा आदि समाजबंधु उपस्थित रहे।
kalamkala
Author: kalamkala

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लाडनूं में मनोरंजन, खरीदारी, खाने-पीने का केन्द्र बना मारवाड़ मेगा ट्रेड फेयर : एक रिपोर्ट, कोई नौकायन का मजा ले रहा है, कोई ट्रेन के सफर का आनंद, किसी को ताजा फलों का ज्यूस पसंद है तो कोई छोला-भटूरा व पिज्जा का शौकीन है, बच्चों-युवाओं और महिलाओं को झूले ही नहीं आकर्षक वस्तुएं भी लुभा रही हैं

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