रास्ते पर जबरन कब्जे को लेकर हुए विवाद में आधा दर्जन लोगों ने किया मां-बेटे को बुरी तरह घायल,
पिटाई के साथ किया घर पर पथराव, घायलों को बनाया उनके ही घर में बंधक, मौके पर लाडनूं पुलिस ने आकर छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया
लाडनूं (kalamkala.in)। तहसील के ग्राम श्यामपुरा में अपने मकान के सामने के रास्ते को सामने की जमीन के पड़ौसी द्वारा पक्का निर्माण करके जबरन रास्ते की जमीन पर कब्जा करने के प्रयास को रोकने गए मां-बेटे की बुरी तरह पिटाई कर दी। इस मामले में पड़ौसी ने ओड़ींट गांव से अपने रिश्तेदारों को बुला कर आधा दर्जन लोगों ने मिलकर मारपीट व घर पर पथराव किया तथा घायल लोगों को अस्पताल ले जाने से रोक दिया। घर का घेराव करके उन्हें अपने ही घर में बंधक बना डाला। बाद में सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। इस मामले की रिपोर्ट संदीप मंडा पुत्र चेनाराम जाट निवासी ढींगसरी हाल निवासी श्यामपुरा ने पुलिस थाना लाडनूं को देकर रास्ते के विवाद को लेकर मारपीट, पथराव, जानलेवा हमला कर प्राणघातक चोटें कारित करने बाबत मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस ने की है मामले की यह रिपोर्ट दर्ज
संदीप मंडा द्वारा दी गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वह और उसका परिवार अपने नाना स्व. चिमनाराम के गोद आये हुए होने के कारण वर्तमान में ग्राम श्यामपुरा में निवास करते आ रहे है। उसके मकान के सामने रास्ता आया हुआ है तथा रास्ता के बाद आरोपी महेन्द्र पूनियां निवासी श्यामपुरा की खुली भूमि स्थित है, जिसमें आरोपी महेन्द्र पूनियां ने रास्ता की भूमि को दबाकर जबरन रास्ता की भूमि पर पक्का निर्माण करने के आशय से पड़ोसी परिवार के अन्य सदस्य जो वर्तमान में ग्राम ओड़ींट में निवास करते है, को बुलाया व बाद में 29 मई को प्रातः 8.30 बजे रामेश्वर पुनियां पुत्र भेराराम, हरीराम पुत्र भेराराम, गोविन्दराम पुत्र हरीराम, मनोज पुत्र हरीराम, विजय पुत्र रामेश्वर सभी निवासीगण श्यामपुरा हाल निवासी ओड़ींट तथा महेन्द्र पूनियां पुत्र लादूराम निवासी- श्यामपुरा ने मिलकर उसके मकान के आगे आये रास्ता को संकड़ा करते हुए उस पर पक्का निर्माण एवं चारदीवारी करने पर उतारू हो गए। इस पर उसकी माता जड़ाव देवी पत्नी चैनाराम व भाई जब्बरसिंह पुत्र चैनाराम हाल निवासी श्यामपुरा ने आरोपियों को नियमानुसार नाप-चौक करवाने के बाद ही चारदीवारी बनाने के लिए कहा तथा उन्हें गांव के मौजीज व्यक्तियों को बुलाकर उनके सामने सही नाप-चौक करवाने के बाद ही निर्माण करवाने की बात कही। इससे नाराज होकर सभी आरोपियों ने एकराय होकर आक्रोशित होकर उसकी माता व भाई पर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपीगण ने मौके पर पड़े बड़े-बड़े पत्थरों से उसके घर पर भी पथराव करना शुरू कर दिया। पत्थर इतने बड़े थे कि उसकी माता जड़ाव देवी के पैर, पसलियों व शरीर पर अन्य कई जगह चोटें आई तथा उसके भाई जब्बरसिंह के सिर, हाथ, पैर व शरीर पर जगह-जगह चोटें आई। ये सभी चोटें गंभीर प्रकृति की है, इन चोटों से उसके भाई को जान का खतरा उत्पन्न हो गया। आरोपीगण द्वारा किए गए इस हमले में उसकी माता व भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उसने व भाई रोहित, बहन पूजा और गांव के व्यक्ति गोपाल पूनियां, जगराम पूनियां व सनू देवी ने बीच-बचाव कर उनको छुड़ाया। बीच-बचाव करते समय इन लोगों को भी चोटें पहुंची।
घायलों को घर में कैद रखा और इलाज के लिए नहीं ले जाने दिया
रिपोर्ट में बताया गया है कि घटना के बाद आरोपीगण ने उसकी घायल माता व भाई को इलाज करवाने के लिए घर से बाहर नहीं निकलने दिया तथा घर में ही बंधक बना लिया। बाद में पुलिस थाना लाडनूं को सूचना दी जाने पर पुलिस ने मौके पर आकर उसके भाई व माता को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल, लाडनूं लेकर आये। उसके भाई जब्बरसिह के चोटें गंभीर एवं प्राणघातक होने के कारण डॉक्टरों द्वारा उसे हाई सेंटर के लिए रैफर कर दिया गया। वर्तमान में उसका इलाज एस. के. अस्पताल सीकर में किया जा रहा है। इन सभी आरोपियों ने एकराय होकर जान से मारने की नियत से उन पर हमला किया, पथराव किया तथा रास्ते पर अवैध कब्जा एवं निर्माण करने का प्रयास किया है। आरोपीगण के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लाडनूं पुलिस ने धारा 126 (2), 115 (2), 352, 125, 189 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक नाथूराम कर रहे हैं।






